जम्मू-कश्मीर में परिसीमन पर गृह मंत्रालय की हरी झंडी का इंतजार, चुनाव आयोग तैयार

 

चुनाव आयोग ने जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद परिसीमन को लेकर आयोग की स्थिति को  साफ कर दिया है। आयोग ने कहा कि अब तक उन्हें केंद्र सरकार से इस बारे में कोई अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ है। जो जानकारी मांगी गई थी आयोग ने वह उपलब्ध करा दी थी।

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने शुक्रवार कहा कि परिसीमन को लेकर अपने स्तर से काम शुरू कर दिया है। इसके लिए दो पूर्व अधिकारियों की मदद ली जा रही है। अरोड़ा ने कहा परिसीमन पर अभी गृह मंत्रालय ने आयोग से कुछ नहीं कहा है। फिलहाल केंद्र सरकार ही इस पर काम कर रही है। अरोड़ा ने कहा कि परिसीमन में दक्ष पूर्व अधिकारियों संगारा राम और आर के श्रीवास्तव के नेतृत्व में काम हो रहा है। दोनों अधिकारी आयोग के द्वारका कार्यालय में परिसीमन की बारीकियों पर काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय व कानून मंत्रालय को यह तय करना है कि परिसीमन की अधिसूचना किसे जारी करनी है। परिसीमन आयोग की अध्यक्षता के लिए चुनाव आयोग वरिष्ठ अधिकारी को नामित करेगा। यह सुझाव था कि आयोग परिसीमन आयोग की अध्यक्षता करे। इसके लिए आयोग के दो पूर्व अधिकारियों को परिसीमन प्रक्रिया में सहयोग के लिए रखा गया है। वे पूर्व में भी इस प्रक्रिया का हिस्सा रह चुके हैं। सरकार जब तैयार होगी तो आयोग भी तैयार रहेगा।

सीटों की संख्या बढ़ेगी
ज्ञात हो कि जम्मू कश्मीर पुनर्गठन एक्ट के तहत विधानसभा सीटों की संख्या 107 से बढ़कर 114 हो जाएगी। इसमें 24 सीटें पीओके के लिए आरक्षित होंगी। इस प्रकार वर्तमान सीटों की संख्या जहां चुनाव होने हैं वह 83 से बढ़कर 90 हो जाएंगी।

 
 

Related posts

Top