ISIS से हुआ मोहभंग, केरल से गई महिला बोली- ये जिहादी तो मस्जिद भी नहीं जाते

 

कोच्चि
केरल की रहने वाली आयशा उर्फ सोनिया सेबैस्टियन 2016 में आतंकी संगठन आईएसआईएस जॉइन कर लिया था। अब आयशा का मोहभंग हो गया है। उसका कहना है कि आईएसआईएस उसकी उम्मीद जैसा नहीं है। आयशा ने एक विडियो जारी करके कहा है कि आईएसआईएस के जिहादी मस्जिद भी नहीं जाते हैं। अब आयशा का कहना है कि वह भारत लौटना चाहती है और वहीं रहना चाहती है।

आयशा 2016 में केरल से चली गई थी और उसने अफगानिस्तान में आईएसआईएस जॉइन कर लिया है। अब आयशा ने एक विडियो जारी किया है। आयशा ने कहा है कि जीवन के आखिरी क्षणों में मेरे पति अब्दुल राशिद अब्दुल्ला भी आईएसआईएस से निराश हुए थे। फिलहाल आयशा काबुल की एक जेल में बंद है। आयशा के साथ कुछ और महिलाएं भी हैं, जिन्होंने कुछ महीने पहले ही सरेंडर कर दिया था।

आयशा ने दी सलाह- ISIS में जाने से पहले दो बार सोच लें लोग
विडियो में आयशा ने कहा है, ‘मैं अब आईएसआईएस के साथ नहीं रहना चाहती। मेरा मानना है कि जो लोग आईएसआईएस में आना चाहते हैं, उनको भी यही महसूस होगा। मैं उन्हें सलाह देना चाहूंगी कि वे यहां आने से पहले अपने फैसले के बारे में दो बार सोच लें।’ आयशा ने आगे कहा, ‘हम खलीफा के तहत इस्लामिक राज्य के लिए आईएसआईएस में शामिल हुए थे। लेकिन हमें बाद में पता चला कि यहां तो लोग मस्जिद भी नहीं जाते हैं।’

आयशा ने बताया कि यह सब देखकर उसका पति काफी निराश हुआ। उसने ऑडियो मेसेज बनाने और भेजने बंद कर दिए। इससे पहले आयशा का पति राशिद मलयाली भाषा में मेसेज रिकॉर्ड करके बाकी लोगों को भेजता था और उन्हें आईएसआईएस से परिचित कराता था। आयशा कहती है कि वह भारत लौटना चाहती है और राशिद के परिवार के साथ रहना चाहती है।

एक और महिला बोली- बहुत कुछ बदल गया है

इसी विडियो में दिखने वाली एक और महिला फातिमा उर्फ निमिशा ने कहा हैकि वह भी भारत लौटना चाहती है। हालांकि, वह यह भी चाहती है कि लौटने पर उसे ना तो जेल में डाला जाए और ना ही प्रताड़ित किया जाए। फातिना ने कहा, ‘अफगानिस्तान मेरे रहने की जगह नहीं है। मुझे भारत में रहना है। मैं यह तो नहीं कह सकती कि खलीफा का काम गलत था लेकिन अब चीजें बहुत बदल गई हैं।’

 
 

Related posts

Top