दिल्ली में अब 10 घंटे की पार्किंग के लिए लग सकते हैं 1000 रुपये, नई पार्किंग योजना में मिले संकेत

 

सरकार और नागरिक अधिकारियों की एक समिति ने एक नया फार्मूला पेश क्या है और अगर इसकी सिफारिशों को मान लिया जाएगा तो दिल्ली में कनॉट प्लेस (सीपी) जैसे लोकप्रिय इलाकों में कार पार्किंग के लिए 10 घंटे के लिए करीब 1000 रुपये हो सकती है

यह योजना ऐसे समय में आई है जब प्रदूषण नियंत्रण में अपना योगदान देने के लिए निजी वाहन के इस्तेमाल को रोकने का आह्वान किया जा रहा है। दिल्ली में बुधवार को प्रदूषण ‘बहुत खराब’ श्रेणी में प्रवेश कर चुका है। राष्ट्रीय राजधानी में 33 लाख चार-पहिया और 73 लाख दोपहिया वाहन हैं। हर दिन लगभग 500 नई कारें दिल्ली की सड़कों पर उतरती हैं।

पेश किए गए फार्मूले के तहत ऐसे “गुणक” शामिल किए गए हैं जिनका लक्ष्य सड़क पर पार्किंग को हतोत्साहित करना है, खासकर उन क्षेत्रों में जो भीड़भाड़ वाले हैं, और जहां लंबे समय तक गाड़ी पार्क की जाती है।

शहर के परिवहन आयुक्त की अध्यक्षता में बेस पार्किंग फीस (बीपीएफ) समिति ने सुझाव दिया है कि चार पहिया वाहनों के लिए बेस फीस 10 रुपये प्रति घंटे और दोपहिया वाहनों के लिए 5 रुपये प्रति घंटा होना चाहिए। हालांकि प्रस्तावित न्यूनतम किराया दो श्रेणियों के लिए मौजूदा शुल्क 20 रुपये और 10 रुपये प्रति घंटे से कम हो सकता है। चार नागरिक एजेंसियों के अधिकारियों और सरकार ने कहा कि बेस फीस चार मापदंडों के आधार पर कारकों से गुणा किया जाएगा: पार्किंग स्थल, अवधि, स्थान और दिन का समय।

कनॉट प्लेस, लाजपत नगर और करोल बाग जैसे इलाके, जहां भारी यातायात दर्ज होता है, उनकी सबसे महंगे वर्ग में शामिल होने की संभावना है।

परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत की अध्यक्षता वाली शीर्ष निगरानी समिति को रिपोर्ट सौंपी गई है, जिसे दिल्ली रखरखाव और प्रबंधन के लिए पार्किंग स्थल नियम, 2019 के तहत मंजूरी देने के लिए अधिकृत किया गया है। इस नियम के बारे में 25 सितंबर को एक अधिसूचना जारी की गई थी।

गहलोत ने कहा, “शीर्ष समिति की पहली बैठक की कोई तारीख अभी तक निर्धारित नहीं की गई है। लेकिन, हम जल्द ही सिफारिशों की समीक्षा करेंगे।”

 
 

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