अच्छा है क्रेडिट स्कोर तो एक फीसदी सस्ता मिलेगा कर्ज, बैंकों ने शुरू की नई पॉलिसी

 

रिजर्व बैंक (आरबीआई) के लचीले रुख के बाद देश में सभी तरह के कर्ज काफी हद तक सस्ते हो गए हैं। ऐसे में अगर आप कर्ज लेने के लिए उत्साहित है तो थोड़ रुक जाइए, क्योंकि कुछ बैंक आपके लिए एक और सौगात लेकर आए हैं। दरअसल, कुछ सरकारी बैंकों ने ज्यादा जोखिम (क्रेडिट रिस्क) वाले ग्राहकों से ज्यादा ब्याज वसूलना शुरू कर दिया है।

सूत्रों के मुताबिक, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और सिंडिकेट बैंक ने ज्यादा और कम जोखिम को ध्यान में रखते हुए अपने खुदरा कर्जों में अंतर करना शुरू कर दिया है। इस क्रम में बैंक ऑफ बड़ौदा नए होम लोन की ब्याज दर तय करने के लिए क्रेडिट इन्फोर्एशन ब्यूरो (भारत) लिमिटेड (सिबिल) द्वारा जारी होने वाले क्रेडिट स्कोर पर गौर करेगा। ऐसे ग्राहक जिनका क्रेडिट स्कोर अधिकतम 900 की तुलना में कम यानी 675-724 के दायरे में है तो उन्हें 760 से ज्यादा स्कोर वाले लोगों की तुलना में कर्ज के लिए 1 फीसदी ज्यादा ब्याज का भुगतान करना पड़ेगा। बैंक ऐसे ग्राहकों को कर्ज नहीं देगा, जिनका स्कोर 675 से कम है।

इस क्रम में बैंक ऑफ बड़ौदा के 760 से ज्यादा स्कोर वाले ग्राहकों को 8.1 फीसदी ब्याज चुकाना होगा, 675 और 724 के बीच स्कोर रखने वाले ग्राहकों को 9.10 फीसदी ब्याज चुकाना होगा। वहीं 725-759 तक क्रेडिट स्कोर वालो को नए होम लोन के लिए 8.35 फीसदी ब्याज चुकाना होगा। खास बात यह है कि सिर्फ कर्ज देते समय ही क्रेडिट स्कोर नहीं देखा जाएगा, बल्कि जब तक कर्ज चलेगा इस पर नजर रखी जाएगी। इसका मतलब है कि अगर एक साल बाद क्रेडिट स्कोर सुधर जाता है तो जोखिम भी कम हो जाएगा।

वहीं यूनियन बैंक 700 से कम क्रेडिट स्कोर पर 10 आधार अंक यानी 0.10 फीसदी ज्यादा ब्याज वसूलेगा। इसी प्रकार सिंडिकेट बैंक ने ग्राहक के सिबिल स्कोर में 50 से ज्यादा अंकों की कमी आने पर क्रेडिट जोखिम प्रीमियम बढ़ाने का फैसला किया है। हालांकि, ये तीनों ही बैंक सिबिल द्वारा उपलब्ध कराए गए क्रेडिट स्कोर का इस्तेमाल करेंगे।

 
 

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