IIT बॉम्बे छात्र की मौत पर CJP फाउंडर अभिजीत दीपके का रिएक्शन, बोले- ‘छात्रों की जिंदगी को प्राथमिकता देने से पहले और कितने छात्रों की जान जाएगी?’
मुंबई: IIT बॉम्बे के पवई कैंपस में दूसरे वर्ष के एक छात्र की मौत के बाद छात्रों की सुरक्षा और शैक्षणिक दबाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं। घटना के बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यह संकट केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि दूर-दराज के आदिवासी इलाकों में भी छात्र अपनी जान गंवा रहे हैं।
दीपके ने सवाल उठाया कि छात्रों की जिंदगी को प्राथमिकता देने से पहले आखिर और कितने छात्रों को अपनी जान गंवानी पड़ेगी? उन्होंने इस मुद्दे को देशभर में छात्रों के सामने मौजूद व्यापक संकट से जोड़ते हुए शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की जरूरत पर जोर दिया। इससे पहले भी दीपके IITs में छात्र आत्महत्याओं को लेकर शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग कर चुके हैं।
परीक्षा के दौरान मोबाइल इस्तेमाल करते पकड़ा गया था छात्र
IIT बॉम्बे के अनुसार, शुक्रवार को एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में BTech के दूसरे वर्ष के छात्र को परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। संस्थान ने बताया कि छात्र ने परीक्षा का प्रश्नपत्र ChatGPT पर अपलोड करके जवाब हासिल करने की कोशिश की थी।
घटना के बाद छात्र से विभागाध्यक्ष और परीक्षा से जुड़े शिक्षक ने बातचीत की। IIT बॉम्बे के बयान के मुताबिक, छात्र को समझाया गया था कि इस घटना का उसके अकादमिक करियर पर कोई बड़ा प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। संस्थान ने यह भी स्पष्ट किया कि उसके खिलाफ कोई औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी। इसके बाद छात्र अपने हॉस्टल के कमरे में लौट गया, जहां बाद में वह मृत पाया गया।
घटना के बाद कैंपस में छात्रों का प्रदर्शन
छात्र की मौत की खबर फैलने के बाद IIT बॉम्बे परिसर में छात्रों ने प्रदर्शन किया। रिपोर्टों के अनुसार, 400 से अधिक छात्रों ने विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया और प्रशासन से छात्र कल्याण तथा सुरक्षा को लेकर जवाब मांगा। घटना के बाद चल रही मिड-सेमेस्टर परीक्षाओं को भी स्थगित किया गया।
IIT बॉम्बे ने छात्र की मौत पर दुख जताते हुए कहा है कि घटना से जुड़े परिस्थितियों की जांच संबंधित अधिकारी कर रहे हैं। संस्थान ने प्रभावित छात्रों, सहपाठियों, शिक्षकों और अन्य सदस्यों को आवश्यक सहयोग देने की बात भी कही है।
