चंद्रशेखर आजाद ने उठाया जवाबदेही का सवाल, संसद मार्च विवाद पर सपा के रुख से मेल खाते दिखे बयान
नई दिल्ली। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद के हालिया बयान ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। संसद मार्च के दौरान छात्रों पर कथित गोलीबारी और पुलिस कार्रवाई को लेकर दिए गए उनके बयान को समाजवादी पार्टी के रुख के करीब माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी ऐसी घटना में जवाबदेही तय होना बेहद जरूरी है।
दिल्ली पुलिस और जवाबदेही पर उठाए सवाल
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि किसी भी विवादित कार्रवाई के मामले में यह स्पष्ट होना चाहिए कि निर्णय किस स्तर पर लिया गया और उसकी जिम्मेदारी किसकी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करती है, इसलिए घटना से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों की पहचान की जानी चाहिए।
कारसेवक गोलीकांड का भी किया जिक्र
नगीना सांसद ने अयोध्या में कारसेवकों पर हुई गोलीबारी के पुराने विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्षों से यह दावा किया जाता रहा है कि उस समय उत्तर प्रदेश सरकार के शीर्ष नेतृत्व ने कार्रवाई का आदेश दिया था। उन्होंने कहा कि यदि आज यह तर्क दिया जा रहा है कि किसी मंत्री को सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, तो फिर अतीत की घटनाओं को लेकर भी एक समान मानक अपनाया जाना चाहिए।
“किसके आदेश पर हुई कार्रवाई?” पूछा सवाल
आजाद ने कहा कि किसी भी बड़ी घटना में यह जानना जरूरी होता है कि पुलिस या प्रशासन ने किसके निर्देश पर कार्रवाई की। उनके अनुसार, केवल घटना की चर्चा करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि निर्णय प्रक्रिया में कौन-कौन शामिल था और जिम्मेदारी किस स्तर पर तय की जाएगी।
क्या है राजनीतिक संदर्भ?
उत्तर प्रदेश की राजनीति में कारसेवक गोलीकांड लंबे समय से बहस का विषय रहा है। भारतीय जनता पार्टी लगातार यह आरोप लगाती रही है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल में कारसेवकों पर गोली चलाई गई थी। वहीं समाजवादी पार्टी का कहना रहा है कि उस समय की परिस्थितियों में प्रशासनिक अधिकारियों ने निर्णय लिया था और इसे सीधे राजनीतिक नेतृत्व से जोड़ना उचित नहीं है।
संसद मार्च विवाद के बाद तेज हुई बहस
हाल के दिनों में छात्रों के संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्षी दल सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। इसी बीच केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के उस बयान, जिसमें उन्होंने कहा था कि गोली चलाने का आदेश अधिकारी देते हैं, पर विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। चंद्रशेखर आजाद का बयान भी इसी बहस के बीच आया है, जिसने जवाबदेही और प्रशासनिक जिम्मेदारी को लेकर चर्चा को और तेज कर दिया है।
