MLC सीट न मिलने पर खफा हुई ‘हम’, JDU-BJP को दी चेतावनी

MLC सीट न मिलने पर खफा हुई ‘हम’, JDU-BJP को दी चेतावनी
  • जेडीयू के पास पर्याप्त संख्याबल नहीं था. इसके बाद भी बीजेपी ने जेडीयू के दूसरे प्रत्याशी को समर्थन देकर विधान परिषद जाने का रास्ता साफ किया. लेकिन इस बात से जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा खफा दिख रही है.

पटना:  बिहार में एनडीए गठबंधन में भी दरार पैदा होती दिख रही है. बिहार विधानपरिषद की 7 सीटों पर हुए चुनाव में बीजेपी और जेडीयू ने दो-दो प्रत्याशियों को विधान परिषद के लिए नामांकित किया. हालांकि जेडीयू के पास पर्याप्त संख्याबल नहीं था. इसके बाद भी बीजेपी ने जेडीयू के दूसरे प्रत्याशी को समर्थन देकर विधान परिषद जाने का रास्ता साफ किया. लेकिन इस बात से जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा खफा दिख रही है. खफा इस बात से नहीं कि जेडीयू को एक सीट बीजेपी ने कैसे दे दिया, खफा इस बात से… कि उसे कोई सीट क्यों नहीं मिली.

‘हमारी भी हिस्सेदारी बनती है’

हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के राष्ट्रीय प्रवक्ता दानिश रिजवान ने कहा कि हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा भी सरकार का हिस्सा है. अगर सरकार में कुछ बनता रहा है तो हिस्सेदारी हम पार्टी की भी है. लेकिन हमें नज़रंदाज़ किया जा रहा है, जिससे पार्टी के कार्यकर्ता नाराज़ हैं. इस बात से जीतन राम मांझी भी अवगत हैं. उन्होंने साफ कहा कि एनडीए में जो हो रहा है, वो ठीक नहीं हो रहा है.

‘हम पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी की मेहनत’

दानिश रिजवान ने कहा कि अगर जेडीयू और बीजेपी अपने कार्यकताओं को खुश कर रही है, तो चुनाव में मेहनत हम पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी किया था. ऐसे में हमारे कार्यकर्ता हतोत्साहित हो रहे हैं. ये पैटर्न बिल्कुल ठीक नहीं है. और अगर एनडीए नेतृत्व नहीं चेता, तो ये खतरे की घण्टी है. आगे ऐसा बिल्कुल नहीं चलेगा.

पार्टी के पास कुल 4 विधायक, कैबिनट मंत्री पद भी है, लेकिन चाहिए एमएलसी सीट

बता दें कि जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के कुल 4 विधायक हैं. उनके पास एक एमएलसी भी है. खुद उनका बेटा बिहार कैबिनेट में मंत्री है. वहीं, जेडीयू के पास 43 विधायक हैं. इसके बावजूद वो दूसरा प्रत्याशी जिताने की हैसियत में नहीं थी. एक एमएलसी सीट के लिए 33 विधायकों की जरूरत थी. ऐसे में हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा महज 4 विधायकों के दम पर किस आधार पर एमएलसी सीट मांग रही है, ये खुद हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा ही समझ सकती है.


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