शोभित विश्वविद्यालय गंगोह में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत “नशा मुक्ति दौड़”का आयोजन

शोभित विश्वविद्यालय गंगोह में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत “नशा मुक्ति दौड़”का आयोजन

गंगोह [24CN] : दिनांक 03-10-2026 दिन शनिवार को शोभित विश्वविद्यालय, गंगोह में नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत 12 सप्ताह तक चलने वाली जागरूकता श्रृंखला के तीसरे सप्ताह में “नशा मुक्ति दौड़” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए नशे के विरुद्ध जागरूकता का संदेश दिया। दौड़ को डीन, हेल्थ साइंसेज प्रो.(डॉ.) रणजीत सिंह एवं प्राचार्य, कुँवर शेखर विजेंद्र आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर प्रो.(डॉ.) विकास कुमार शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम का संचालन योग एवं खेल समन्वयक असिस्टेंट प्रोफेसर प्रदीप शर्मा द्वारा किया गया।

नशा मुक्ति दौड़ की शुरुआत आयुष कैंपस से हुई और प्रतिभागियों ने दौड़ लगाते हुए आर्यभट्ट कैंपस तक पहुंचकर इसे पूरा किया। दौड़ पूरी होने के पश्चात शोभित विश्वविद्यालय, गंगोह के कुलसचिव प्रो.(डॉ.) महिपाल सिंह ने सभी प्रतिभागियों को बधाई दी। उन्होंने नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक नुकसान की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को जीवन में कभी भी नशा न करने तथा दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का संकल्प दिलाया।

इस अवसर पर डीन, हेल्थ साइंसेज प्रो.(डॉ.) रणजीत सिंह ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करता, बल्कि उसके परिवार और समाज पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने तथा अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो.(डॉ.) विकास कुमार शर्मा ने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर युवा नशे जैसी बुराइयों से स्वयं को दूर रख सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और समाज में सकारात्मक संदेश देने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर शोभित विश्वविद्यालय गंगोह के कुलपति प्रो.(डॉ.) बूटा सिंह सिद्धू ने कार्यक्रम के आयोजकों को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की। अपने शुभकामना सन्देश में उन्होंने कहा कि नशा मुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों में स्वस्थ जीवनशैली, सकारात्मक सोच एवं सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देते हैं।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों की सक्रिय सहभागिता रही।

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