नवीन श्रम कानूनों व कार्यस्थल सुरक्षा पर आईआईए की बैठक में मंथन

नवीन श्रम कानूनों व कार्यस्थल सुरक्षा पर आईआईए की बैठक में मंथन
सहारनपुर में आईआईए की बैठक में मौजूद अतिथिगण एवं पदाधिकारी।

उद्यमियों को श्रम संहिताओं और सुरक्षा मानकों की दी जानकारी, अधिकारियों ने सवालों का किया समाधान

सहारनपुर। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) चैप्टर की द्वितीय कार्यकारिणी बैठक में नवीन श्रम कानूनों, कार्यस्थल सुरक्षा, श्रमिक स्वास्थ्य और कानूनी अनुपालन को लेकर विस्तार से मंथन किया गया। बैठक में श्रम एवं कारखाना विभाग के अधिकारियों ने उद्यमियों को नए प्रावधानों की जानकारी देते हुए उनके प्रभावी अनुपालन पर जोर दिया।

प्रताप मार्केट स्थित ट्रेड सेंटर आईआईए भवन में आयोजित बैठक में उपनिदेशक कारखाना, मेरठ रविंद्र कुमार, सहायक निदेशक कारखाना रवि प्रकाश सिंह तथा सहायक श्रमायुक्त प्रवीण चंद्र दत्त ने विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी।

चैप्टर चेयरमैन एस. कुमार अरोड़ा ने कहा कि श्रम कानूनों में समय-समय पर हो रहे बदलावों की सरल एवं व्यावहारिक जानकारी उद्यमियों तक पहुंचाना बेहद जरूरी है, ताकि उद्योगों में नियमों का सही तरीके से पालन सुनिश्चित हो सके।

उपनिदेशक कारखाना रविंद्र कुमार ने उत्तर प्रदेश उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य दशा नियमावली-2026 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने कार्यस्थल पर स्वच्छता, सुरक्षित मशीनरी, आपात चिकित्सा सुविधा, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) और श्रमिकों के लिए आवश्यक कल्याणकारी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने 40 वर्ष से अधिक आयु के कर्मकारों के चिकित्सकीय परीक्षण, पहचान-पत्र तथा नियुक्ति-पत्र से संबंधित प्रावधानों के बारे में भी जानकारी दी।

सहायक श्रमायुक्त प्रवीण चंद्र दत्त ने चार श्रम संहिताओं—वेतन संहिता, औद्योगिक संबंध संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य दशा संहिता—के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि श्रम कानूनों का उद्देश्य श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा के साथ-साथ उद्योगों के लिए स्पष्ट एवं व्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

सहायक निदेशक कारखाना रवि प्रकाश सिंह ने सुरक्षित कार्यस्थल को उद्योगों की उत्पादकता और कार्यक्षमता के लिए महत्वपूर्ण बताया। पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष रामजी सुनेजा ने उद्योगों में सुरक्षा और अनुपालन की संस्कृति को मजबूत करने पर जोर दिया।

आईआईए के सचिव अनुज कुमार जैन ने कहा कि सुरक्षित कार्य वातावरण उद्योगों की दीर्घकालिक सफलता का आधार है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष सतीश अरोड़ा ने प्रशासन और उद्योग जगत के बीच निरंतर संवाद को आवश्यक बताया, ताकि उद्यमियों को नियमों की जानकारी समय पर मिल सके और व्यावहारिक समस्याओं का समाधान किया जा सके।

बैठक में के.एल. अरोड़ा, अशोक गांधी, संजय बजाज, आर.के. धवन, के.आर. सिंघल, प्रमोद सडाना, अनूप खन्ना, अशोक छाबड़ा, राजेश सपरा, परमजीत सिंह, संजय अरोड़ा, शिवम गोयल, अतुल मित्तल, सुरेंद्र मोहन कालड़ा, संदीप कपूर, शरद भार्गव, ललित धीमान, अरविंद खन्ना, विकास मलिक, सुनील अरोड़ा, मनजीत सिंह अरोड़ा, पुनीत डंग, राजीव डंग, अमित कुमार अरोड़ा, पंकज गोयल, भानू भारती, मनोज जैन, फरीद शम्सी, एम.पी. सिंह चावला, मो. आलम और लेबर एडवोकेट सुभम शर्मा सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं उद्यमी मौजूद रहे।

 

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