‘तीन के चक्कर में दूसरा भी गंवा दें…’, अखिलेश यादव पर राजभर ने कसा तंज
उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी तीन उम्मीदवारों को उतारने की तैयारी कर रही है, जिसे लेकर योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि सपा पहले ये बताए कि इनमें से कितने पीडीए वाले हैं. राजभर ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि कहीं तीसरे के चक्कर में दूसरा भी ना गंवा दें.
अखिलेश यादव पर कसा तंज
ओम प्रकाश राजभर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर राज्यसभा चुनाव में तीसरे प्रत्याशी को खड़ा करने की खबरों पर चुटकी लेते हुए लिखा- ‘अखिलेश जी, सुना है आप राज्यसभा के लिए तीन प्रत्याशी मैदान में उतारने जा रहे हैं। ये बताइए, तीनों आपके ‘पीडीए’ वाले होंगे या नहीं?
पहला तो प्रोफेसर साहब हैं. ये आपके पीडीए वाले ‘परिवार’ से हो गए. अब ‘डी’ और ‘ए’ से कौन होगा? डी से कोई ‘दौलतमंद’ होगा क्या? ए से कोई ‘अपराधी’? बताइयेगा, क्योंकि सभी पिछड़े वर्ग के लोग, दलित भाई और मुसलमान भाई जानना चाह रहे हैं कि आपके पीडीए में परिवार, दौलतमंद और अपराधियों को कैसे आप संसद के ऊपरी सदन भेजने की जुगत में लगे हैं. आखिर में एक और सलाह है। तीन के चक्कर में दूसरा मत गंवा दीजिएगा.’
रालोद ने भी सपा मुखिया से पूछे सवाल
वहीं राष्ट्रीय लोकदल के नेता और जयंत चौधरी के करीबी रोहित अग्रवाल ने भी अखिलेस यादव पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा- ‘सपा की राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची ने उसके PDA के दावे पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. नारा— PDA: पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक. लेकिन, जब प्रतिनिधित्व की बारी आती है, तो यही तीनों वर्ग पीछे क्यों दिखाई देते हैं?
ऐसे में सवाल स्वाभाविक है— PDA सिर्फ चुनावी नारा है या संगठन और प्रतिनिधित्व में भी इसकी जगह है? और पिछड़े समाज के लिए सवाल और बड़ा है— क्या परिवार के आगे पार्टी में किसी और के लिए राजनीतिक अवसर की गुंजाइश है? जनता नारे नहीं, प्रतिनिधित्व और भागीदारी का वास्तविक हिसाब देखती है.
राज्यसभा चुनाव में तीन उम्मीदवार उतारेगी सपा
दरअसल समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दावा किया था कि राज्यसभा चुनाव में सरप्राइज़ देंगे. सपा ने मंगलवार 29 सितंबर को नामांकन के लिए चार पर्चे खरीदे हैं. जिसके बाद से ही इस बात के क़यास लगने शुरू हो गए हैं कि सपा तीन प्रत्याशियों को राज्यसभा चुनाव में उतार सकती है.
यूपी विधानसभा में जो मौजूदा संख्या बल है उसके हिसाब से सपा दो और बीजेपी सात उम्मीदवारों को आसानी से जिता सकती है. वहीं सपा के दो उम्मीदवारों की जीतने के बाद भी 25-26 वोट सपा के पास बच जाएंगे. इसी आंकड़ें को देखते हुए अखिलेश यादव ने तीसरा उम्मीदवार उतारने का दाँव चला है. वहीं दूसरी तरफ़ बीजेपी ने भी आठ पर्चे खरीदे हैं. ऐसे में इस बार का चुनाव बेहद दिलचस्प हो सकता है.
