‘आप राज्य का दर्जा सही…’, CM उमर अब्दुल्ला का BJP पर तंज
जम्मू-कश्मीर में मंगलवार को विधानसभा में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने BJP के ही राजनीतिक बयानों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि सरकार रुके हुए स्थानीय निकाय चुनाव सही समय पर कराएगी. जम्मू-कश्मीर म्युनिसिपल एक्ट (संशोधन) बिल पर सदन में हो रही बहस के दौरान, मुख्यमंत्री ने J&K का राज्य का दर्जा बहाल करने में केंद्र सरकार की लंबी देरी को लेकर विपक्षी BJP का मजाक उड़ाया.
स्थानीय पंचायत और शहरी निकाय चुनावों के लिए सही समय बताने की BJP विधायकों की आक्रामक मांग का जवाब देते हुए CM उमर अब्दुल्ला ने कहा, “आप राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए ‘सही समय’ की बात करते हैं, हम पंचायत चुनावों के लिए भी वही कहेंगे.”
चुनाव कराने का किया दावा
ये बातें विधानसभा में जम्मू-कश्मीर म्युनिसिपल एक्ट (संशोधन) बिल पर बहस के दौरान कहीं गईं. इस बिल का मकसद DC को वोटर लिस्ट बनाने, वार्ड तय करने और सदस्यों की कम से कम संख्या 7 तय करने की शक्तियां देना था. उमर ने कहा कि चुनावों के लिए कोई तय समयसीमा नहीं है, लेकिन उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि चुनाव ज़रूर होंगे.
बिल को लेकर जताई गई चिंताओं का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका मकसद कन्फ्यूजन पैदा करना नहीं, बल्कि उसे दूर करना है. धारा 10(1)(c) का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रावधान में साफ़ तौर पर कहा गया है कि एक नया म्युनिसिपल निकाय बनाया जाएगा. उमर ने कहा, “म्युनिसिपल चुनाव कराने का हमारा इरादा बिल्कुल वैसा ही है जैसा राज्य का दर्जा बहाल करने का BJP का इरादा है. वह सही समय पर होगा.”
बीजेपी पर दोहरे मापदंड का आरोप
मुख्यमंत्री ने BJP की मांगों में दोहरे मापदंड की ओर इशारा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने बार-बार सही समय पर राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा किया है, लेकिन कभी यह साफ़ नहीं किया कि इसका क्या मतलब है या यह कैसे तय होगा.
हालांकि उन्होंने कहा कि कोई तय तारीख नहीं है, लेकिन अब्दुल्ला ने साफ किया कि संशोधन बिल का मकसद कानूनी कन्फ्यूजन को दूर करना था, और वादा किया कि ज़मीनी स्तर पर स्थानीय निकाय चुनाव जरुर होंगे.
BJP ने इस मजाक को हल्के में नहीं लिया
मीडिया से बात करते हुए विपक्ष के नेता (LoP) सुनील शर्मा ने मुख्यमंत्री के बयानों की कड़ी आलोचना की और उन्हें जनता को गुमराह करने के लिए किया गया एक खोखला ‘चुनावी स्टंट’ बताया. शर्मा ने दावा किया कि बीजेपी-विरोधी बयानबाज़ी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के लिए अपनी शासन-व्यवस्था की कमियों और विधानसभा चुनाव के घोषणापत्र में किए गए वादों को पूरा न कर पाने की अपनी नाकामी को छिपाने का बस एक जरिया बन गई है.
