EC के फैसले से ममता बनर्जी को झटका, सायोनी घोष ने शायराना अंदाज में कसा तंज
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर चल रही खींचतान के बीच चुनाव आयोग के एक फैसले ने विवाद को और बढ़ा दिया है। आयोग ने नंदीग्राम और रेजिनगर उपचुनाव में TMC के नाम और ‘जोड़ा फूल’ चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। यह निर्देश पार्टी के दोनों गुटों पर लागू किया गया है।
चुनाव आयोग के फैसले के बाद TMC की बागी सांसद और अभिनेत्री सायोनी घोष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शायराना अंदाज में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने शहाब जाफ़री का मशहूर शेर साझा करते हुए लिखा, “तू इधर उधर की न बात कर ये बता कि क़ाफ़िला क्यूँ लुटा…”
ममता गुट ने फैसले पर जताई आपत्ति
आयोग के आदेश पर ममता बनर्जी गुट की ओर से विरोध जताया गया है। TMC सांसद और वकील कल्याण बनर्जी ने आदेश को कानून के अनुरूप नहीं बताया और इसमें कानूनी कमियां होने का दावा किया। उनके मुताबिक आदेश में मामले से जुड़े सभी तथ्यों को शामिल नहीं किया गया है।
पार्टी में बगावत से बढ़ी अंदरूनी खींचतान
रिपोर्ट के मुताबिक, विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद जून में TMC के भीतर बगावत सामने आई थी। 58 बागी विधायकों ने ममता गुट के उम्मीदवार सोवनदेब चट्टोपाध्याय के बजाय निष्कासित नेता रिताब्रता बनर्जी को विपक्ष का नेता चुना था।
इसके कुछ दिनों बाद विवाद संसद तक पहुंचने का भी दावा किया गया। रिपोर्ट के अनुसार काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में 20 लोकसभा सांसदों ने अलग गुट के तौर पर अपनी स्थिति को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र भेजा।
सायोनी घोष की पोस्ट ने बढ़ाई सियासी चर्चा
चुनाव आयोग के आदेश के बाद सायोनी घोष की शायराना पोस्ट को राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि उन्होंने अपनी पोस्ट में किसी नेता या गुट का सीधे तौर पर नाम नहीं लिया है। इसलिए उनके संदेश का राजनीतिक लक्ष्य स्पष्ट रूप से बताना उचित नहीं होगा।
