दिलीप घोष का ममता बनर्जी पर बड़ा हमला, बोले- ‘अकेली पड़ गई हैं’, TMC में बगावत पर भी साधा निशाना

दिलीप घोष का ममता बनर्जी पर बड़ा हमला, बोले- ‘अकेली पड़ गई हैं’, TMC में बगावत पर भी साधा निशाना

खड़गपुर। पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर चल रही उठापटक को लेकर बीजेपी नेता और राज्य सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने ममता बनर्जी पर निशाना साधा है। शुक्रवार (18 सितंबर) को खड़गपुर में न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में घोष ने दावा किया कि टीएमसी के नेता आपसी विवाद में ही उलझकर खत्म हो जाएंगे और पार्टी को जनता पहले ही नकार चुकी है।

दिलीप घोष ने दावा किया कि ममता बनर्जी अब राजनीतिक रूप से अकेली पड़ गई हैं। उन्होंने टीएमसी के भीतर नेताओं के पार्टी छोड़ने का भी जिक्र किया और कहा कि कई सांसद दूसरी पार्टियों में जा चुके हैं, जबकि कुछ विधायक भी दूसरे दलों का रुख कर चुके हैं।

‘सब कुछ अब चुनाव आयोग के हाथ में’

टीएमसी के संगठन और चुनाव चिह्न से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए घोष ने कहा कि अब इस मामले में चुनाव आयोग की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने दावा किया कि ममता बनर्जी के पास पार्टी को लेकर पहले जैसी स्थिति नहीं रह गई है और अब चुनाव आयोग ही आगे का फैसला करेगा।

हालिया घटनाक्रम में टीएमसी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर विवाद सामने आया है। रिपोर्टों के मुताबिक, चुनाव आयोग इस मामले में प्रतिस्पर्धी दावों पर विचार कर रहा है।

टीएमसी कार्यालय को लेकर भी किया दावा

दिलीप घोष ने टीएमसी कार्यालय को लेकर भी आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पार्टी ने किसी व्यक्ति के घर पर कब्जा कर उसे कार्यालय के रूप में इस्तेमाल किया था और बाद में उस निर्माण को भी तोड़ दिया गया। इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया इस बयान में शामिल नहीं है।

ममता सरकार पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप

बातचीत के दौरान घोष ने ममता बनर्जी के शासनकाल को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उत्तर-पूर्व के उग्रवादी, माओवादी और अन्य अपराधी पश्चिम बंगाल में आकर शरण लेते थे और राज्य की जमीन से कथित तौर पर देश विरोधी गतिविधियां संचालित करते थे। घोष ने आरोप लगाया कि तत्कालीन सरकार ऐसे लोगों को संरक्षण देती थी।

‘अब किसी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा’

दिलीप घोष ने दावा किया कि सरकार बदलने के बाद राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर स्थिति बदल गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियां सक्रिय हैं तथा अपराध से जुड़े मामलों में कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की मौजूदा राजनीतिक स्थिति में सत्ता परिवर्तन के बाद बीजेपी सरकार और टीएमसी के बीच राजनीतिक टकराव जारी है। हाल के दिनों में टीएमसी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर विवाद भी राजनीतिक चर्चा का प्रमुख मुद्दा बना हुआ है।

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