सहारनपुर मस्जिद विवाद फिर गरमाया, इकरा हसन बोलीं- ‘मस्जिद वहीं बनेगी, अदालत में भी जीतेंगे’
सहारनपुर: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सहारनपुर की एक मस्जिद को गिराए जाने का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने इस मामले को लेकर बीजेपी और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। सहारनपुर में आयोजित पीडीए कार्यक्रम में पहुंचीं इकरा हसन ने कहा कि मस्जिद गिराए जाने का उद्देश्य शहर का माहौल बिगाड़ना और इसे संभल जैसा बनाने की कोशिश करना था।
इकरा हसन ने कहा कि बीजेपी के पास हिंदू-मुस्लिम मुद्दे के अलावा कोई दूसरा मुद्दा नहीं है। उन्होंने कहा, “काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती और वह हांडी अब चढ़ नहीं रही है।” उन्होंने आरोप लगाया कि मस्जिदों को गिराकर इस मुद्दे को तूल देने की कोशिश की जा रही है।
‘सहारनपुर को दूसरा संभल बनाने की कोशिश थी’
सपा सांसद ने आरोप लगाया कि सहारनपुर में दंगा कराने और शहर को दूसरा संभल बनाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों से बातचीत के दौरान उन्हें पता चला कि विभिन्न समुदायों के लोगों में धार्मिक स्थल तोड़े जाने को लेकर नाराजगी है।
उन्होंने कहा कि किसी भी आस्था के स्थल को इस तरह गिराना उचित नहीं है। इकरा हसन ने सहारनपुर की जनता की सराहना करते हुए कहा कि लोगों ने पूरे मामले में संयम और धैर्य बनाए रखा।
‘मस्जिद वहीं बनेगी’
इकरा हसन ने दावा किया कि संबंधित मस्जिद करीब सौ साल पुरानी थी और उसी स्थान पर मंदिर भी मौजूद है। उनके मुताबिक, दोनों धार्मिक स्थलों के बीच लंबे समय से भाईचारा कायम था और उसे नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया।
उन्होंने कहा, “मैं आपको यकीन दिलाना चाहती हूं कि मस्जिद भी बनेगी और ये जंग हम अदालत में भी जीतेंगे। क्योंकि हमारे कागज मजबूत हैं।” उन्होंने समर्थकों से संयम बनाए रखने की अपील की और कहा कि आने वाले कुछ महीनों में राजनीतिक परिस्थितियां बदल सकती हैं।
जिला कोर्ट के आदेश के बाद गिराई गई थी मस्जिद
गौरतलब है कि सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित एक मस्जिद को जिला अदालत के आदेश के बाद बुलडोजर से ध्वस्त किए जाने का मामला सामने आया था। मुस्लिम पक्ष की ओर से दावा किया गया कि संबंधित जमीन वक्फ की थी और वहां करीब सौ वर्षों से मस्जिद मौजूद थी। पक्ष ने प्रशासन पर पर्याप्त अवसर दिए बिना कार्रवाई करने का आरोप लगाया था।
