यूपी के 14,429 स्कूल होंगे स्मार्ट, अभिजीत दीपके बोले- ‘एक धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से क्या होगा?’
Lucknow : उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने राज्य के 14,429 परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में लिए गए इस फैसले पर करीब 300 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। स्मार्ट क्लास में इंटरैक्टिव फ्लैट पैनल, पावर बैकअप, ऑडियो-विजुअल सामग्री, डिजिटल एजुकेशन कंटेंट और वाई-फाई जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
इस फैसले पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया के जरिए प्रतिक्रिया दी। उन्होंने 15 सितंबर को न्यूज एजेंसी PTI की खबर को री-पोस्ट करते हुए लिखा, “एक धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से क्या होगा?” इसके साथ उन्होंने हंसने वाली इमोजी भी लगाई।
‘स्कूल ठीक करो’ अभियान से जोड़कर किया तंज
दीपके की यह प्रतिक्रिया CJP के शिक्षा केंद्रित अभियानों के संदर्भ में भी देखी जा रही है। CJP सरकारी स्कूलों की स्थिति और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए अभियान चला रही है। अगस्त में संगठन ने गांवों के सरकारी स्कूलों की सुविधाओं में सुधार के लिए ‘सरपंच चैलेंज’ अभियान शुरू करने की घोषणा की थी।
सितंबर में दीपके ने उन आलोचनाओं का भी जवाब दिया था, जिनमें CJP पर केवल बीजेपी शासित राज्यों के स्कूलों को लेकर सवाल उठाने का आरोप लगाया गया था। उन्होंने पंजाब, कर्नाटक और झारखंड में संगठन की टीमों के स्कूल निरीक्षण का जिक्र किया था।
एक स्कूल पर करीब 2.08 लाख रुपये खर्च
यूपी सरकार के अनुसार, प्रत्येक स्कूल में स्मार्ट क्लास तैयार करने पर करीब 2,07,910 रुपये खर्च होंगे। प्रस्तावित व्यवस्था में इंटरैक्टिव फ्लैट पैनल, बिजली एवं सुरक्षा उपकरण, पावर बैकअप, ऑडियो-विजुअल सामग्री, लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम, डिजिटल कंटेंट, सुरक्षा सॉफ्टवेयर, वाई-फाई कनेक्टिविटी और हेल्प डेस्क जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
यूपी में पहले से भी स्मार्ट क्लास और डिजिटल शिक्षा का विस्तार किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन के अनुसार सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास और ई-लर्निंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार जारी है।
