UCC पर एसटी हसन का पलटवार, बोले- ‘कुरान के बताए प्रावधानों के मुताबिक चलेंगे’
New Delhi : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के 2029 से पहले बीजेपी नेतृत्व वाले NDA के 21 राज्यों में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने के बयान के बाद सियासी प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। शाह ने यह बात मुंबई में कही थी।
मुरादाबाद में समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन ने UCC को लेकर कहा कि मुस्लिम समुदाय कुरान में बताए गए प्रावधानों के अनुसार चलने की मांग करेगा। उन्होंने कहा कि परिवार और बेटियों को कितना हिस्सा देना है, यह तय करने का अधिकार संबंधित परिवार को होना चाहिए।
एसटी हसन ने UCC को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि ऐसे मुद्दों से माहौल प्रभावित होता है। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, किसानों और मध्यमवर्ग से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया और कहा कि इन विषयों पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
मस्जिदों के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा
पूर्व सांसद ने UCC की चर्चा के साथ सहारनपुर और मुरादाबाद की मस्जिदों से जुड़े मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक मुद्दों को उठाकर हिंदू-मुस्लिम तनाव बढ़ाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद के ध्वस्तीकरण को लेकर पहले ही राजनीतिक विवाद सामने आ चुका है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कानूनी लड़ाई की बात कही है। वहीं, मस्जिद से जुड़े निर्माण और जमीन के मुद्दे पर पश्चिमी यूपी के अन्य स्थानों पर भी प्रशासनिक जांच चल रही है।
एसटी हसन ने धार्मिक परंपराओं का उदाहरण देते हुए कहा कि अलग-अलग समुदायों की अपनी मान्यताएं और अंतिम संस्कार की परंपराएं हैं, इसलिए व्यक्तिगत कानूनों से जुड़े विषयों पर संवेदनशीलता जरूरी है।
इमरान मसूद के बयान पर एसटी हसन का जवाब
सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के बयानों पर भी एसटी हसन ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मसूद की सपा नेताओं से व्यक्तिगत समस्याएं हो सकती हैं, लेकिन इससे गठबंधन के भविष्य पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं मिल जाता।
एसटी हसन ने कहा कि गठबंधन रहेगा या नहीं, इसका फैसला किसी एक नेता या छोटे स्तर के नेता के बयान से नहीं होगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस तरह के बयानों से बीजेपी को राजनीतिक फायदा पहुंचता है।
हालांकि, इमरान मसूद हाल में बीजेपी के खिलाफ विपक्षी एकजुटता की अपील कर चुके हैं और सहारनपुर मस्जिद मामले को लेकर भी सरकार पर सवाल उठा चुके हैं।
