आकाश आनंद के पर मायावती के भतीजे ईशान पहली बार बोले- पारिवारिक स्वार्थ से ऊपर उठकर…
आकाश आनंद के भाई और बहुजन समाज पार्टी के नेता ईशान आनंद ने अपनी बुआ और पार्टी सुप्रीमो मायावती के फैसले पर पहली प्रतिक्रिया दी है.
सोशल मीडिया साइट एक्स पर ईशान आनंद ने लिखा कि बहुजन आंदोलन किसी व्यक्ति या परिवार से नहीं, बल्कि त्याग, संघर्ष और विचारधारा से आगे बढ़ता है. निजी व पारिवारिक स्वार्थ से ऊपर उठकर संगठन और मिशन के हित को सर्वोच्च रखना ही बाबा साहेब और मा. कांशीराम जी के सपनों को साकार करने का मार्ग है. 2027 में बहुमत की सरकार–लक्ष्य सर्वोपरि.
बता दें मायावती ने गुरुवार, 10 सितंबर को अपने भतीजे आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के फैसले को ‘देर आयद, दुरुस्त आयद’ वाला कदम बताया और आकाश को पार्टी से पूरे तौर से ‘मुक्त’ करने का भी ऐलान कर दिया.
मायावती ने क्या कहा था?
सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के ‘एक्स’ पर किए गए ऐलान के कुछ देर बाद मायावती ने अपनी पोस्ट में इसे ‘देर आयद, दुरुस्त आयद’ वाला कदम बताते हुए कहा कि सिद्धार्थ अगर यह फैसला काफी पहले ले लेते तो बसपा, बहुजन समाज और बहुजन आंदोलन के साथ-साथ उनके दामाद आकाश आनंद को भी लगातार विपरीत परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ता.
हालांकि मायावती ने पोस्ट में यह भी कहा कि अगर सिद्धार्थ को अपने दामाद आकाश आनन्द के उज्ज्वल भविष्य के साथ ही बसपा तथा बहुजन आंदोलन की जरा सी भी चिंता होती तो वह बिना देर किए बुधवार को ही राजनीति से संन्यास की घोषणा कर देते लेकिन ऐसा नहीं होना यह साबित करता है कि सिद्धार्थ की नियत में खोट है और उनकी महत्वाकांक्षा कम नहीं हुई है.
बसपा प्रमुख ने सिद्धार्थ से जुड़ी अपनी बुधवार की पोस्ट को आकाश की तरफ से ‘रीपोस्ट’ नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाए और कहा कि ऐसा नहीं करने से यह लगता है कि सिद्धार्थ और आकाश दोनों को पार्टी और उसके आंदोलन में कम और अपने निजी तथा पारिवारिक संबंध का मोह ज्यादा है.
