पीएम मोदी का लाल किले से संबोधन, कहा- ‘देश अब छोटे सपने से नहीं चलने वाला’
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए कहा कि भारत अब छोटे सपनों और सीमित लक्ष्यों से आगे बढ़ चुका है। उन्होंने विकसित भारत 2047 के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि 140 करोड़ देशवासियों ने एक बड़े लक्ष्य के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया है और अब देश छोटे सपनों से नहीं चलने वाला।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का भारत बड़े लक्ष्य तय कर रहा है और उन्हें हासिल करने का सामर्थ्य भी रखता है। उन्होंने देशवासियों से विकसित भारत के निर्माण में भागीदार बनने का आह्वान करते हुए कहा कि 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का सपना केवल सरकार का नहीं, बल्कि पूरे देश का संकल्प है।
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद किया और कहा कि उनके सपने आज भी देश को प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने पिछले वर्षों में आर्थिक और विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है तथा दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में अपनी पहचान बनाई है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि देशभर में राष्ट्रभक्ति का माहौल है और हर दिल ‘वंदे मातरम्’ की भावना से ओतप्रोत है। इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह में पहली बार लाल किले पर ‘वंदे मातरम्’ का गायन भी किया गया, जो समारोह का विशेष आकर्षण रहा।
पीएम मोदी का यह संबोधन उनके लगातार 13वें स्वतंत्रता दिवस भाषण के रूप में दर्ज हुआ, जिसमें उन्होंने आत्मनिर्भरता, तेज विकास और विकसित भारत के लक्ष्य को केंद्र में रखा।
