दिल्ली में मानसून की ‘सरप्लस’ मेहरबानी, सामान्य से 27% ज्यादा बारिश से बना रिकॉर्ड; आगे कैसा रहेगा मौसम?

दिल्ली में मानसून की ‘सरप्लस’ मेहरबानी, सामान्य से 27% ज्यादा बारिश से बना रिकॉर्ड; आगे कैसा रहेगा मौसम?

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में मानसून इस बार अब तक सामान्य से अधिक सक्रिय दर्ज किया गया है। 1 जून से 9 अगस्त के बीच दिल्ली में 393.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो इस अवधि की सामान्य 309.5 मिलीमीटर बारिश से 27 प्रतिशत अधिक है।

इसके साथ ही दिल्ली के किसी भी जिले में अब बारिश की कमी नहीं है। चार जिले सामान्य से अधिक बारिश की श्रेणी में पहुंच गए हैं। मानसून के रिकॉर्ड के बीच मंगलवार की सुबह एनसीआर में बदली छाने के साथ हुई। हालांकि, उमस ने थोड़ा परेशान कर रखा है।

अगस्त में औसत बारिश का रिकॉर्ड टूटा

दिल्ली में अगस्त की पूरी सामान्य बारिश 233.1 मिलीमीटर मानी जाती है। यह आंकड़ा भी 10 अगस्त को पार हो गया। सफदरजंग स्थित मौसम विभाग के आधार स्टेशन पर सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे के बीच 4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके बाद अगस्त में अब तक कुल 234.5 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है।

इस साल मानसून की शुरुआत में दिल्ली बारिश की कमी वाले क्षेत्र में थी। जून में बारिश सामान्य से कम रही, जबकि जुलाई में स्थिति सामान्य हो गई। अगस्त के शुरुआती दिनों में लगातार पांच दिन हुई तेज बारिश ने दिल्ली को अतिरिक्त बारिश वाले क्षेत्र में पहुंचा दिया।

मध्य दिल्ली में सबसे ज्यादा बारिश

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली के जिलों में मध्य दिल्ली में सबसे अधिक बारिश हुई है। यहां 1 जून से 9 अगस्त के बीच 528.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य 381.2 मिलीमीटर से 39 प्रतिशत अधिक है।

पश्चिमी दिल्ली में 434.3 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य 342.7 मिलीमीटर के मुकाबले 27 प्रतिशत अधिक है। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली और पूर्वी दिल्ली में भी क्रमशः 26 और 23 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई।

पांच जिले सामान्य बारिश की श्रेणी में हैं। इनमें दक्षिण दिल्ली, दक्षिण-पश्चिम दिल्ली, नई दिल्ली, उत्तर-पूर्व दिल्ली और उत्तर-पश्चिम दिल्ली शामिल हैं। नई दिल्ली में सामान्य से 7 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। वहीं, प्रेस में जाने तक उत्तर दिल्ली का आंकड़ा उपलब्ध नहीं था।

कैसे तय होती है बारिश की श्रेणी?

आईएमडी के मुताबिक, बारिश को सामान्य से 19 प्रतिशत तक कम या अधिक होने पर सामान्य श्रेणी में रखा जाता है। 20 से 59 प्रतिशत अधिक बारिश को अतिरिक्त और 60 प्रतिशत या उससे अधिक बारिश को अत्यधिक अतिरिक्त माना जाता है। वहीं, सामान्य से 19 प्रतिशत से अधिक कमी होने पर इसे कमी वाली श्रेणी में रखा जाता है।

तीन दिन हुई भारी बारिश

इस मानसून सीजन में दिल्ली में अब तक तीन दिन भारी बारिश दर्ज की गई है। आईएमडी के अनुसार 24 घंटे में 65.5 मिलीमीटर या उससे अधिक बारिश होने पर उसे भारी बारिश माना जाता है। दिल्ली में 9 जुलाई, 29 जुलाई और 8 अगस्त को ऐसी बारिश हुई।

8 अगस्त सीजन का सबसे भारी बारिश वाला दिन रहा, जब दिल्ली के कई इलाकों में 100 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई। इससे पहले 9 जुलाई को सीजन की पहली व्यापक और तेज बारिश हुई थी।

उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश सामान्य से कम

दिल्ली में जहां मानसून ने सामान्य से अधिक बारिश कराई है, वहीं उत्तर-पश्चिम भारत में स्थिति इसके उलट है। 1 जून से 9 अगस्त के बीच इस क्षेत्र में 313.6 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य से 11 प्रतिशत कम है।

उत्तर-पश्चिम भारत के 9 उप-विभागों में पंजाब, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में बारिश की कमी सबसे ज्यादा रही। इन क्षेत्रों में क्रमशः 35 प्रतिशत, 26 प्रतिशत और 21 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई।

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