अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी को लेकर कांग्रेस ने क्यों किया अटल बिहारी वाजपेयी को याद?

अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी को लेकर कांग्रेस ने क्यों किया अटल बिहारी वाजपेयी को याद?

New Delhi : अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर बीजेपी और आरएसएस पर निशाना साधा है. उन्होंने पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के एक भाषण का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था, ‘पहरा देने वाला कुत्ता ना भोंके तो समझना कि वो चोरों को जानता है, उससे मिला है.’ उन्होंने पूर्व पीएम के इस बयान को दोहराया.

पवन खेड़ा ने कहा कि साधु संतों को साइड बिठा दिया गया है. उन्होंने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट के आदेश से जब मंदिर बने तो उसका श्रेय पीएम मोदी को और जब डकैती हो तो चिन्नू यादव , चंपत राय गोविंद देव का नाम. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और आरएसएस चीफ मोहन भागवत का नाम क्यों नहीं.’

उन्होंने कहा, ‘प्राण प्रतिष्ठा के बाद अमित शाह वहां नहीं गए. आप हर चीज का क्रेडिट लेंगे, लेकिन चोरी का नहीं. यहां चोरी की बात हो रही है और नरेंद्र मोदी विदेश में कह रहे हैं वन प्लस वन इस इक्वल टू 8. देश की जनता से शर्म नहीं करते तो  मत करो, लेकिन राम का नाम लेकर सत्ता में आए हो उसकी शर्म करो. यह चोरी राम के मंदिर में नहीं हुई यह डाका हमारी आस्था पर डाला गया है. देव द्रव्य की चोरी महा पाप है.’

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया है कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़े लोगों को बचाया जा रहा है. उन्होंने कहा, ट्रस्ट किसने बनाया. किसी स्वामी या शंकराचार्य ने बनाया. नरेंद्र मोदी और मोहन भागवत में मिलकर बनाया. ट्रस्ट आप बनाएंगे, प्राण प्रतिष्ठा आप करेंगे, मंदिर निर्माण आप करेंगे तो चोरी का दूसरों पर क्यों गया. यह छोटी मछलियों को पकड़ रहे हैं ताकि बड़े मगरमच्छ को बचाया जा सके. वह बड़े मगरमच्छ कहां हैं… नागपुर में हैं या जयपुर में हैं.’

उन्होंने कहा, ‘ट्र्स्ट में सारे संघ के लोग भर दिए गए हैं. लोगों से अब मोहन भागवत कहते हैं कि सवाल नहीं कर सकते. अगर हमारे देश में कोई धर्म के नाम पर चोरी करेगा तो हम आवाज उठाएंगे. हमारी मांग है प्रधानमंत्री अपनी छुट्टी तोड़े और देश से माफी मांगें. हमारी मांग है कि इस ट्रस्ट को डिसोल्व किया जाए.’ उन्होंने पूछा, ‘आरएसएस और बीजेपी के दफ्तर के 14 स्टार दफ्तर का पैसा कहां से आता है. कहां है वह 200 किलो चांदी जो सिंधी समाज ने दी. जिस मंदिर पर आप हिंदुत्व की राजनीतिक करते हैं उस पर आप डाका डालते है.’