कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा सदस्य के रूप में ली शपथ, लगातार दूसरी बार कर्नाटक से पहुंचे उच्च सदन
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष Mallikarjun Kharge ने सोमवार को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण की। राज्यसभा के सभापति C. P. Radhakrishnan ने अपने कक्ष में उन्हें शपथ दिलाई। खरगे हाल ही में कर्नाटक से लगातार दूसरी बार राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं।
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान राज्यसभा के उपसभापति Harivansh Narayan Singh, सदन के नेता J. P. Nadda, संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष Sonia Gandhi और पार्टी महासचिव Priyanka Gandhi Vadra सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
लंबे राजनीतिक अनुभव के साथ राज्यसभा में सक्रिय भूमिका
83 वर्षीय मल्लिकार्जुन खरगे भारतीय राजनीति के सबसे वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। वह इससे पहले लोकसभा सांसद और कर्नाटक विधानसभा के सदस्य रह चुके हैं। उन्होंने वर्ष 1972 में पहली बार कर्नाटक विधानसभा का चुनाव जीता था और इसके बाद लगातार नौ बार विधायक चुने गए। अपने लंबे राजनीतिक करियर के दौरान उन्होंने कर्नाटक सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली और वर्ष 1999 से 2004 तक विधानसभा में विपक्ष के नेता भी रहे।
खरगे वर्ष 2009 और 2014 में कर्नाटक के गुलबर्गा लोकसभा क्षेत्र से सांसद निर्वाचित हुए। केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार के दौरान उन्होंने रेल मंत्री और श्रम एवं रोजगार मंत्री के रूप में भी कार्य किया। वर्ष 2014 से 2019 तक वह लोकसभा में कांग्रेस के नेता रहे।
पहली बार कब बने थे राज्यसभा सदस्य?
मल्लिकार्जुन खरगे पहली बार वर्ष 2020 में राज्यसभा के लिए चुने गए थे। इसके बाद उन्हें राज्यसभा में विपक्ष का नेता बनाया गया। अक्टूबर 2022 में वह कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित हुए और पार्टी के 98वें अध्यक्ष बने। अब वह लगातार दूसरी बार कर्नाटक से राज्यसभा पहुंचे हैं।
ऐसा रहा मल्लिकार्जुन खरगे का राजनीतिक सफर
मल्लिकार्जुन खरगे का जन्म 21 जुलाई 1942 को कर्नाटक में हुआ था। उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति और सामाजिक आंदोलनों से की। शुरुआती दौर में वह मजदूरों, दलितों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए सक्रिय रहे। वर्ष 1972 में पहली बार विधायक बनने के बाद उन्होंने कर्नाटक की राजनीति में मजबूत पहचान बनाई और लंबे समय तक राज्य की राजनीति के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे।
कर्नाटक सरकार में उन्होंने गृह, परिवहन, ग्रामीण विकास और राजस्व जैसे कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली। प्रशासनिक अनुभव और संगठनात्मक क्षमता के चलते उन्हें कांग्रेस के सबसे प्रभावशाली नेताओं में माना जाता है। वर्ष 2009 में उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में प्रवेश किया और बाद में केंद्र सरकार में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वर्तमान में वह कांग्रेस अध्यक्ष के साथ-साथ राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका भी निभा रहे हैं।
