‘रावण तो यह भी हैं बस रूप बदल गए हैं,’ राम मंदिर में चढ़ावा चोरी पर भड़के धीरेंद्र शास्त्री

‘रावण तो यह भी हैं बस रूप बदल गए हैं,’ राम मंदिर में चढ़ावा चोरी पर भड़के धीरेंद्र शास्त्री

अयोध्या स्थित राम मंदिर में बीते 7 जून को दान किए गए चढ़ावे और आभूषणों की चोरी व गड़बड़ी के आरोप लगे थे. इसके बाद इस विवाद पर जमकर सियासत हो रही है. इस बीच पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने टिप्पणी की है. इसमें शामिल लोगों को लेकर कहा, “रावण तो यह भी हैं बस रूप बदल गए हैं. रावण न तो माता जानकी की चोरी थी, लेकिन राम मंदिर के दान पात्र में लाखों लोगों की श्रद्धा चोरी हुई है.”

उन्होंने आगे भावुक होते हुए कहा, “इसमें करोड़ों लोगों का भरोसा चोरी हुआ है.” उन्होंने आगे कहा, “खबर मिली है कि मामले में एफआईआर हुई है. अभी और जांच हो और पकड़े जाएंगे. यह पक्का है और पकड़े जाएंगे.”

उन्होंने आगे कहा, “इतना कह सकते हैं कि रावण ने माता जानकी की चोरी की थी उसका परिणाम यह निकला कि सपरिवार सहित नास हुआ. ऐसे में करोड़ों लोगों ने राम को दान दिया. राम मंदिर के दान को जो चोरी करेगा पक्का है सरकारी दंड तो पाएगा ही वह भगवान का महादंड भी पाएगा. यह तो पक्का है उसे कोई छोड़ नहीं सकता.”

8 आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा

अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान के कथित गबन के मामले में गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों को शुक्रवार (26 जून)  को 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. इस बीच, उत्तर प्रदेश की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) तथा विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है.

जांचकर्ता ने आरोपियों के पास से अब तक 79.85 लाख रुपये बरामद करने का दावा किया है. इस बीच, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के इस्तीफे की अटकलों के बीच विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने कहा कि उसे इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है. चंपत राय विहिप के उपाध्यक्ष भी हैं.

मामले पर सियासी घमासान जारी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस मामले को ‘धर्मयुद्ध’ करार देते हुए कथित ‘चंदा चोरों’ के सामाजिक बहिष्कार की अपील की और कहा कि इससे करोड़ों हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई हैं.

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा का ‘‘लंकाकांड’’ अयोध्या से शुरू हो गया है. कांग्रेस ने मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग करने की मांग की है.

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह पूरा विवाद सपा और कांग्रेस की साजिश का हिस्सा है. यह एफआईआर ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर दर्ज की गई. इसे उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक रिपोर्ट की सिफारिशों के आधार पर दर्ज किया गया. सात जून को कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद एसआईटी का गठन किया गया था.

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