बालावाली पुल पर फिर मौत की छलांग, गंगा में समाया 23 वर्षीय युवक

बालावाली पुल पर फिर मौत की छलांग, गंगा में समाया 23 वर्षीय युवक

तीसोतरा निवासी वासु ने पुल पर बाइक खड़ी कर गंगा में लगाई छलांग

तेज धार के कारण देर शाम तक नहीं मिला सुराग, 15 दिन पहले भी किया था आत्महत्या का प्रयास

अवनीश जोशी बिजनौर:

जनपद के  थाना मंडावर क्षेत्र स्थित बालावाली गंगा पुल पर आत्महत्या की घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को नांगल थाना क्षेत्र के ग्राम सादुल्लापुर नगर उर्फ तीसोतरा निवासी 23 वर्षीय वासु पुत्र स्वर्गीय नरेंद्र सिंह ने पुल पर बाइक खड़ी कर गंगा में छलांग लगा दी। देखते ही देखते युवक तेज बहाव वाली गंगा में समा गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से युवक की तलाश शुरू कराई, लेकिन देर शाम तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका।

बताया गया कि वासु शुक्रवार को मोटरसाइकिल से बालावाली यातायात पुल पर पहुंचा था। उसने बाइक पुल पर खड़ी की और गंगा में छलांग लगा दी। राहगीरों ने घटना की सूचना बालावाली पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तीसोतरा में स्वजन को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्वजन पुल पर पहुंच गए।

गोताखोरों ने गंगा में युवक की तलाश शुरू की, लेकिन गंगा का जलस्तर बढ़ा होने और तेज बहाव के कारण अभियान में काफी परेशानी हुई। देर शाम तक युवक का पता नहीं चल सका। स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल है। तलाश के दौरान जयप्रकाश, विपिन, राकेश, कुलबीर, कुलदीप, कामेश, पुष्पेंद्र, शोभित, अधिवक्ता संदीप, ओमेंद्र समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

15 दिन पहले भी किया था आत्महत्या का प्रयास

ग्रामीणों के अनुसार वासु ने करीब 15 दिन पहले भी आत्महत्या का प्रयास किया था। उस समय ग्रामीण उसे बालावाली पुल से तलाश कर वापस लाए थे। ग्रामीणों के मुताबिक वह नशे का आदी था और नौकरी को लेकर चिंतित रहता था। हालांकि, शुक्रवार की घटना के पीछे वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।

पुल पर लगातार घटनाओं से बढ़ी चिंता

बालावाली गंगा पुल पर लगातार हो रही आत्महत्या की घटनाओं ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। बुधवार को रामजीवाला छकड़ा निवासी 65 वर्षीय महिला ने पुल से गंगा में छलांग लगाने का प्रयास किया था, जिसे राहगीरों और बाइक सवारों ने समय रहते रोक लिया था। रक्षाबंधन पर भी एक महिला ने पति से नाराज होकर पुल से गंगा में छलांग लगा दी थी।

वहीं, 29 मार्च को तीसोतरा निवासी जतिन रोहिल्ला पुत्र अरुण रोहिल्ला ने भी इसी पुल से गंगा में छलांग लगाई थी। तलाश के बावजूद उसका अब तक पता नहीं चल सका है। लगातार घटनाओं के बाद ग्रामीणों ने पुल पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने, निगरानी के इंतजाम करने और आत्महत्या की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

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