Virat kohli Retirement : ऐसे थे किंग कोहली की कप्तानी वाले आखिरी दिन, कुछ सपने अधूरे रह गए

Virat kohli Retirement : ऐसे थे किंग कोहली की कप्तानी वाले आखिरी दिन, कुछ सपने अधूरे रह गए
  • हम सभी भारतीय यही उम्मींद करते हैं जो सपने विराट कोहली अपनी कप्तानी में पूरे नहीं कर सके वो अब एक खिलाड़ी के तौर पर जरूर पूरे करेंगे. साथ ही आने वाली साउथ अफ्रीका वन डे सीरीज में अपने शतकों का सूखा भी खत्म करेंगे.

नई दिल्ली: विराट कोहली (Virat Kohli) एक ऐसा नाम जिसके करोड़ों फैंस हैं. भारतीय क्रिकेट के शान हैं कोहली. कल जब उन्होंने सोशल मीडिया पर टेस्ट से कप्तानी छोड़ने का फैसला सभी के सामने रखा तो हर कोई हैरान हो गया. हालांकि कोहली इससे पहले टी 20 टीम की कप्तानी भी छोड़ चुके हैं और वन डे की कप्तानी BCCI ने विराट से ले ली थी. लेकिन कोहली की कप्तानी में जो टीम इंडिया ने खेल दिखाया है वो शानदार है. वो इतिहास रचे हैं जो कोई भी कप्तान अभी तक नहीं कर पाया. बस विराट ICC ट्रॉफी जीतने में सफल नहीं हो सके. कुछ महीने पहले BCCI और विराट के बीच हुआ विवाद सभी को याद ही होगा. विराट के इस 7 साल के सफर में कई मौके ऐसे आए जब लगा कि विराट टूट जाएगें, लेकिन उन्होंने उतनी ही मजबूती से वापसी की. आज हम आपको बताते हैं कि कप्तानी के आखिरी दिनों तीनों ही फॉर्मेट में उनका प्रदर्शन कैसा रहा.

टेस्ट में हुआ ‘असली टेस्ट’
साउथ अफ्रीका के साथ हाल ही खेली गई सीरीज विराट के लिए कुछ खास नहीं रही. 29 साल से चला आ रहा इंतजार पूरा नहीं हो सका. हालांकि टीम ने जीत के लिए जान तो लगाई पर रिजल्ट टीम के अनुसार नहीं आ पाया. कोहली ने पहले टेस्ट मैच में 53 रन बनाए. वहीं कमर में खिचाव के चलते दूसरा टेस्ट मैच नहीं खेल सके. इसके बाद जब फाइनल मैच की बारी आई तो इसमें विराट कुछ लय में नजर आए. उन्होंने दोनों पारियों को मिलाकर 108 रन बनाए. लेकिन लगभग 3 साल से शतकों के सूखे को खत्म नहीं कर सके.

वन डे भी रहा ‘सूखा’ 
इंग्लैंड के साथ हुई वन डे सीरीज विराट की कप्तान के तौर पर आखिरी सीरीज थी. उसे भारत ने 2-1 से अपने नाम भी किया. साथ ही विराट ने शुरू के दो मैचों में शानदार अर्धशतक भी बनाए. पर अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर तक नहीं ले जा पाए. कप्तान के तौर पर खेली गई आखिरी सीरीज भी बिना शतक के निकल गई.

टी20 में भी उम्मींद ‘टूटी’
विराट ने अपना आखिरी टी 20 मैच एक कप्तान के तौर पर टी 20 वर्ल्ड कप में ही खेला था. आखिरी मैच में विराट सस्ते में आउट हो गए थे. स्कॉटलैंड के खिलाफ हुए इस मैच में विराट सिर्फ 2 रन ही बना सके. हालांकि पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने टीम के जरूरी 57 रन की पारी खेली थी, पर टीम को जीत नहीं दिला पाए.

कप्तान के तौर पर आखिरी समय में विराट कोहली का बल्ला भले ही ना चला हो लेकिन इन 7 साल में उन्होंने टीम को ऐसी जीत दिलाई हैं, जिनके बारे में हम सोच भी नहीं सकते थे. आज तेज गेंदबाज विदेशों में जा कर धूम मचा रहे हैं, ये सभी विराट की ही कप्तानी में तैयार हुए हैं. हम सभी भारतीय यही उम्मींद करते हैं जो सपने विराट कोहली अपनी कप्तानी में पूरे नहीं कर सके वो अब एक खिलाड़ी के तौर पर जरूर पूरे करेंगे. साथ ही आने वाली साउथ अफ्रीका वन डे सीरीज में अपने शतकों का सूखा भी खत्म करेंगे.


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