यूपीः कर्मचारियों के नियत यात्रा सहित छह भते खत्म करने का फैसला, सचिवालय संघ ने कहा- धोखा हुआ है

 

लखनऊ प्रदेश सरकार ने नियत यात्रा भता सहित कर्मचारियों के छह भत्ते एक वर्ष के लिए स्थगित करने के निर्णय के एक महीने के भीतर ही इन्हें समाप्त करने का फैसला कर लिया है। इससे प्रदेश के 16 लाख कर्मचारियों को बड़ा झटका लगा है। आपदा के बीच सरकार के साथ खड़े नजर आ रहे कर्मचारियों में इस फैसले से आक्रोश बढ़ गया है। सचिवालय संघ ने सरकार के इस फैसले को कर्मचारियों के साथ धोखा करार दिया है।

प्रदेश के वित विभाग ने 24 अप्रैल को छह भते एक अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2021 तक के लिए स्थगित करने का फैसला किया था। महामारी के मद्देनजर एक-एक दिन का वेतन देने और महंगाई भते डेढ़ वर्ष के लिए स्थगित किए जाने के निर्णय के बावजूद इन भतों को भी स्थगित किए जाने से कर्मचारी नाराज थे। लेकिन आपदा के बीच इस फैसले से वे मनमसोस कर रह गए थे। तब भी, कर्मचारियों ने आरोप लगाया था कि वित विभाग बहुत समय से इन भतों को समाप्त करने की साजिश रच रहा था। महामारी की आड़ में उसने भत्ते स्थगित कराए हैं।  इस बीच सोमवार को इन सभी भत्तों को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन समाप्त कराने का निर्णय कर लिया गया। इससे शासन से फील्ड तक काम करने वाले सभी स्तर और सभी संवर्ग के कर्मचारियों को झटका लगा है।
फील्ड के उन कर्मचारियों को इस फैसले से ज्यादा ही मायूसी हाथ लगी है जो दिन-रात एक किए महामारी की जंग में डेढ़ महीने से लगे हुए हैं। हालांकि अभी तक भते समाप्त किए जाने का आदेश जारी नहीं हुआ है। एक-दो दिन में आदेश जारी होने की संभावना है। इन भतों से कर्मचारियों को ग्रेड पे व संवर्ग के अनुसार नुकसान होने की संभावना है।

अपर मुख्य सचिव वित संजीव मितल ने भते समाप्त किए जाने संबंधी सवाल पर कहा कि अभी तक कोई आदेश नहीं हुआ है। हालांकि, उन्होंने ऐसे किसी निर्णय से इंकार नहीं किया। उधर, सचिवालय संघ के अध्यक्ष यादवेंद्र मिश्र ने सरकार के फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि मार्च, 2021 तक स्थगित किए गए भतों को समाप्त करना एक प्रकार से कर्मचारियों के साथ धोखा किया जाना है।

ये भत्ते भी हुए स्थगित 
नगर प्रतिकर भत्ता, सचिवालय भत्ता, पुलिस से जुड़े कर्मियों का विशेष भत्ता, अवर अभियंताओं का विशेष भत्ता, लोक निर्माण विभाग के कर्मियों को मिलने वाला रिसर्च भत्ता, अर्दली भत्ता व डिजाइन भत्ता, सिंचाई विभाग के कर्मियों को मिलने वाला आईएंडपी भता व अर्दली भत्ता।

 
 

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