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वायु प्रदूषण पर थोड़ी देर में फेसबुक पर जनता से बात करेंगे केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर

 
prakash javadekar

नई दिल्‍ली । पीएम मोदी सरकार के केंद्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर रविवार की शाम को फेसबुक के द्वारा जनता से संवाद कर प्रदूषण जैसे गंभीर मुद्दे पर बात करेंगे। प्रकाश जावड़ेकर ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी। उन्‍होंने यह भी बताया कि प्रदूषण को कम और खत्‍म करने के लिए आप सुझाव या कोई अहम जानकारी भी दे सकते हैं। इसके लिए उन्‍होंने एक हैश टैग (#AskPrakashJavadekar) भी बताया है। प्रकाश जावड़ेकर प्रदूषण के मुद्दे को जनता से जोड़ कर इसे खत्‍म करने की अपील कर सकते हैं। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर फेसबुक पर शाम से लाइव होंगे। फेसबुक पर सवाल भेजने और पूछने के लिए आपको अपने प्रश्‍न हैशटैग ‘आस्कप्रकाशजावडेकर’ के साथ ट्वीट करनी होगी। उन्‍होंने बताया कि इस लाइव सेशन के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से उठाए गए कदमों को भी साझा करूंगा।

क्‍या हैं दिल्‍ली के हालात

राजधानी की आबोहवा पिछले कई दिनों से खराब श्रेणी में बनी हुई है। इसमें सुधार होता नहीं दिख रहा है। पंजाब व हरियाणा में जलाई जा रही पराली का धुआं भी दिल्ली पहुंचने लगा है। इस वजह से शनिवार को दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ गया और हवा की गुणवत्ता पिछले दिन के मुकाबले ज्यादा खराब हो गई। इसका तात्कालिक कारण पराली जलाने की बढ़ती घटनाएं बताई जा रही हैं।

पंजाब और हरियाणा में 882 जगहों पर जली पराली

सफर इंडिया के अनुसार वातावरण में पार्टिकुलेट मैटर (पीएम)- 2.5 की मात्रा बढ़ गई है। इसमें 19 फीसद हिस्सेदारी पराली के धुएं की है। पंजाब व हरियाणा में 882 जगहों पर पराली जलाने की घटनाएं हुईं। हवा की दिशा अनुकूल होने के कारण उसका धुआं दिल्ली पहुंचने से प्रदूषण का स्तर थोड़ा बढ़ गया। शनिवार को दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) 286 दर्ज किया गया। एक दिन पहले यह 239 था। बृहस्पतिवार को एक्यूआइ 315 पहुंच गई थी। उस दिन 12 फरवरी के बाद हवा की गुणवत्ता सबसे खराब दर्ज की गई थी। बताया जा रहा है कि सोमवार तक प्रदूषण का स्तर और बढ़ने की संभावना है। यदि सफर इंडिया के आंकड़ों पर गौर करें, तो दिल्ली में प्रदूषण का बड़ा कारण स्थानीय है। हवा की गति कम होने के कारण धूलकण वातावरण में ऊपर नहीं उठ पा रहे हैं। प्रदूषण बढ़ने का यह भी एक बड़ा कारण है।

 
 
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