प्रयागराजः आज न्यायिक कार्य नहीं करेंगे अधिवक्ता, लाल पट्टी बांथकर व्यक्त करेंगे विरोध

 

बार कौंसिल के आह्वान पर सोमवार 16 मार्च को प्रदेश भर के अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। इसमें इलाहाबाद हाईकोर्ट से लेकर हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ, सभी जिला न्यायालयों, तहसीलों, सेल्स टैक्स, इनकम टैक्स, रेवेन्यू, कैट के अधिवक्ता शामिल रहेंगे। अधिवक्ताओं को लाल पट्टी बांधकर न्यायिक कार्य से विरत रहने को कहा गया है। बार कौंसिल ने इस संबंध में पहले ही प्रस्ताव पास किया था। उसी के क्रम में सोमवार को विरोध प्रदर्शन होगा।

इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने भी बार कौंसिल के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए न्यायिक कार्य न करने का निर्णय लिया है। बार एसोसिएशन के महासचिव जेबी सिंह ने बताया कि प्रस्ताव के अनुसार अधिवक्ता लाल फीता बांधकर विरोध प्रकट करेंगे। केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (सीएटी) बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष जितेंद्र नायक ने कहा कि सीएटी में भी न्यायिक कार्य नहीं किया जाएगा। उधर, जिला न्यायालय में अधिवक्ता न्यायिक कार्य नहीं करेंगे।

तीन सदस्यीय कमेटी करेगी सीओपी की पैरवी
न्यायालयों में प्रवेश के लिए बार कौंसिल की ओर से अधिवक्ताओं को जारी परिचय पत्र सीओपी न माने जाने को लेकर बने गतिरोध के मामले में पैरवी के लिए बार कौंसिल ने तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है। यह जानकारी बार कौसिंल के चेयरमैन हरिशंकर सिंह ने रविवार को प्रेसवार्ता में दी।

चेयरमैन ने बताया कि शनिवार को बार कौंसिल के पदाधिकारियों की बैठक हुई। इसमें जिला न्यायालयों में अधिवक्ताओं के प्रवेश के लिए सीओपी न माने जाने को लेकर चर्चा की गई। मामले में हाईकोर्ट में चल रही जनहित याचिका में पैरवी के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन करने का निर्णय लिया गया।

कमेटी में हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता अमरेंद्र नाथ सिंह, वीके श्रीवास्तव, अजय यादव को शामिल किया गया है। उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ मिश्र ‘नगरहा’ ने बताया कि रविवार को बार कौंसिल में हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ताओं की भी बैठक हुई। जिसमें अधिवक्ताओं की समस्याओं पर चर्चा की गई।

 
 

Related posts

Top