पाकिस्तानी हवा से एनसीआर का प्रदूषण फिर हुआ गंभीर, ज्यादा जहरीली हुई हवा, सूचकांक 400 पार

पाकिस्तानी हवा से एनसीआर का प्रदूषण फिर हुआ गंभीर, ज्यादा जहरीली हुई हवा, सूचकांक 400 पार

दिल्ली-एनसीआर की हवा में सांस लेना फिर दूभर हो गया है। उत्तरी पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर में चक्रवाती हवाएं चलने से इस मौसम में दूसरी बार हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है।

पंजाब व हरियाणा में पराली के धुएं व मौसमी दशाओं के बिगड़ने से भी हवा में मौजूद प्रदूषक तीन से चार गुना तक बढ़ गए हैं। मंगलवार दिनभर दिल्ली-एनसीआर में स्मॉग में घिरा रहा। सफर का अनुमान है कि बुधवार को भी हालात में सुधार की उम्मीद नहीं है।

मौसम विभाग का कहना है कि आसमान में हल्के बादल होने के बाद भी बारिश होने का कोई अनुमान नहीं है। धूप खिली न होने से मिक्सिंग हाइट नीचे आ गई है। नतीजतन हवा में मौजूद प्रदूषण तत्व दिल्ली एनसीआर के ऊपर ठहर गए हैं।

सफर के रीयल टाइम आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में हवा की गुणवत्ता शाम 6 बजे 467 तक पहुंच गई। इसमें सबसे ज्यादा मात्रा पीएम 2.5 की थी। दूसरी तरफ आनंद विहार, लोदी रोड, पूसा रोड, आईजीआई एयरपोर्ट, दिल्ली विश्वविद्यालय आदि स्थानों पर दिन भर पीएम 2.5 का स्तर बेहद खतरनाक 500 के करीब बना रहा। जबकि इसका मानक 60 होता है। वहीं, पीएम10 का स्तर प्रति घन मीटर मानक 100 माइक्रोग्राम के मुकाबले तीन गुना से भी ज्यादा 436 माइक्रोग्राम हो गया।

पराली के धुएं से बढ़ा प्रदूषण

तेज होने से पराली के धुएं ने दिल्ली का प्रदूषण बढ़ा दिया। सोमवार के 18 फीसदी की तुलना में मंगलवार को यह 25 फीसदी तक पहुंच गया। सोमवार को पराली जलाने के 1,800 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए थे। सफर का पूर्वानुमान है कि अगर पराली जलाने के मामले नहीं बढ़े, तो दिल्ली के प्रदूषण में पराली के धुएं का हिस्सा 22 फीसदी रहने का अंदाजा है।

बुधवार को खतरनाक स्तर पर पहुंच सकता है
सफर का अनुमान है कि बुधवार को हालात ऐसे ही रहेंगे और हवा की गुणवत्ता 500 के आंकड़े को पार कर खतरनाक स्तर तक पहुंच सकती है। बृहस्पतिवार से हवा की गुणवत्ता सुधर सकती है।

वायु गुणवत्ता सूचकांक
गाजियाबाद : 453
नोएडा : 440
ग्रेटर नोएडा : 436
दिल्ली : 425
फरीदाबाद : 406
गुरुग्राम : 402

हवा में जहर घोलने वाले मौसमी कारक

. सतह की हवा की गति 6-8 किमी प्रति घंटे के बीच रहना
. मिक्सिंग हाइट का नीचे पहुंचना
. बारिश का अभाव
. हवा में मौजूद नमी
. पराली के धुएं का दिल्ली पहुंचना
Jamia Tibbia