नकुड में चार दिन पूर्व हुए ममता हत्याकांड का पुलिस ने किया पटाक्षेप

नकुड में चार दिन पूर्व हुए ममता हत्याकांड का पुलिस ने किया पटाक्षेप

पति की साजिश से ममता की मौसी व मौसेरी बहन ने की थी ममता की हत्या

सहारनपुर। पुलिस ने चार दिन पूर्व चंद्रपालखेडी में दिनदहाडे ममता की हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। ममता की हत्या उसकी मौसी व मौसेरी बहन ने की थी। ममता का पति भी हत्या की साजिश में शामिल था। पुलिस ने तीनो आरोपियों का गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

विगत 28 अगस्त को चंद्रपालखेडी में रिटायर फौजी सतीश की 35 वर्षीया पत्नी ममता की दिन दहाडे गला घोंट कर हत्या कर दी गयी थी। पुलिस पहले दिन से इस घटना मे किसी करीबी के शामिल होने की आशंका जता रही थी। रविवार को वरिष्ठ पुलिस अधिक्षक दिनेश कुमार पी ने जिलामुख्यालय पर प्रेस कांफ्रेस कर घटना का खुलासा कर दिया।

पुलिस कप्तान ने बताया कि ममता की हत्या उसकी मौसी कुसुम व मौसेरी बहन मोनिका ने की थी। पुलिस का दावा है कि ममता के पति रिटायर फौजी सतीश ने ममता की हत्या की योजना तैयार की थी। पुलिस के अनुसार सतीश का मोनिका से प्रेम प्रसंग चल रहा था। मोनिका का अपने पति से भी देहरादून न्यायालय मे तलाक का मामला विचाराधीन है।

आरोपी मां-बेटी को ममता के पति ने ही दिखाया था अपना घर
एसएसपी ने घटना का पटाक्षेप करते हुए बताया कि 27 अगस्त को सतीश ने कुसुम व मोनिका को अपना घर दिखा दिया था। पूर्व योजना के अनुसार ही सतीश 28 अगस्त ने अपने बडे बेटे को स्कूल भेज दिया था। जबकि दुसरे बेटे व पिता को लेकर वह दवा दिलाने के बहाने से सरसावा चला गया था। 28 अगस्त को दोनो महिलाएं नकुड आई। उन्होंने बाईपास से केले खरीदे। उसके बाद वे सतीश के मकान पर ममता के पास चली गयी। मौसी व मौसेरी बहन के घर आने के कारण ममता ने कोई शोर नंही मचाया। मौका देखते ही दोनो ने ममता की गला घोंटकर हत्या कर दी। उसके बाद वे बडे आराम से वापस देहरादून चली गयी। आरोपी महिलाओं ने हत्या को लूट का रंग देने के लिये ममता के कानों के कुंडल निकाल लिये थे। साथ ही दुसरे कमरे मे रखे बक्सों को खोलकर उनका सामान बिखेर दिया था।

वीडियो: खुलासा करते एसएसपी सहारनपुर

 

सीसी टीवी फुटेज ने की पुलिस की मदद
कप्तान ने बताया कि सीसी टीवी फुटेज ने इस मामले की खुलासे मे पुलिस की मदद की। सतीश से पुछताछ की गयी। पंरतु वह कुछ भी नंही बता रहा था। उसके बाद पुलिस ने फुटेज के आधार पर महिलाओं की पहचान की। जिसके बाद दबिश देकर दोनो को हिरासत में ले लिया गया। दोनो महिलाओं व सतीश को आमने सामने बिठाकर बात करायी गयी तो सतीश ने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया। पुलिस ने तीनो आरोपियों का जेल भेज दिया है।

घटना के दिन आसपास के लोगो ने देखी थी दो संदिग्ध महिलाऐ
ममता की हत्या के बाद आस पास के व्यक्तियो ने भी मौके पर दो संदिग्ध महिलाओं के आने की बात पुलिस को बतायी थी। पुलिस ने घटना स्थल पर जाने वाले रास्ते पर लगे सीसी टीवी कैमरो की फुटेज निकाली तो संदेह पुख्ता हो गया। फुटेज दिखायी दी महिलाओं की पहचान ममता की रिश्तेदारो के रूप में हुई तो पुलिस का संदेश यकीन मे बदल गया। जिसके बाद पुलिस ने महिलाओं को उनके निवास देहरादून के मोहब्बेवाला से हिरासत में ले लिया। इस मामले में पुलिस कप्तान व एसपी देहात विद्यासागर मिश्रा, सीओ यतेंद्र नागर के अलावा कोतवाली प्रभारी सुशील कुमार तथा अभिसूचना इकाई का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। पुलिस द्वारा मात्र 72 घंटे में इस हत्याकांड का खुलासा करने की क्षेत्र लोग प्रशंसा कर रहे है।

 

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