नदी के पानी को मोड़ने की भारत की कोशिश को उकसावे के रूप में देखा जाएगा: पाकिस्तानी मंत्री

नदी के पानी को मोड़ने की भारत की कोशिश को उकसावे के रूप में देखा जाएगा: पाकिस्तानी मंत्री
हाइलाइट्स
  • भारत के हिस्से वाले पानी को पाकिस्तान न जाने देने संबंधी पीएम मोदी के बयान पर भड़का पाकिस्तान
  • पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा कि अगर भारत ने पानी का बहाव रोकने की कोशिश की तो यह उकसावा होगा
  • शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि अगर भारत झेलम, चेनाब और सिंधु नदी की धारा रोकता है तो पाक उचित जवाब देगा
  • हाल ही में एक चुनावी रैली में पीएम मोदी ने कहा था कि वह भारत के हिस्से वाले पानी का एक बूंद भी पाक नहीं जाने देंगे

इस्लामाबाद
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने मंगलवार को कहा कि भारत अगर पाकिस्तान में बहने वाली नदियों का पानी मोड़ता है तो इसे ‘उकसावा’ के रूप में देखा जाएगा। कुरैशी ने कहा कि झेलम, चेनाब और सिंधु नदी की धारा को मोड़ने की भारत सरकार की किसी भी कोशिश को पाकिस्तान ‘उकसावे’ के रूप में देखेगा।

कुरैशी ने मंगलवार को इस्लामाबाद में सिंधु जल संधि से जुड़ी एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। आधिकारिक बयान में बताया गया कि बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयानों पर भी चर्चा हुई, जिसमें उन्होंने नदी के बहाव को मोड़ने की बात की थी। कुरैशी ने कहा कि अगर पानी के बहाव को मोड़ने की कोई कोशिश हुई तो पाकिस्तान ‘उचित जवाब’ देगा।

बता दें कि हाल ही में हरियाणा की एक चुनावी रैली में पीएम मोदी ने कहा था कि जिस पानी पर भारत के लोगों का हक है, उसे वह पाकिस्तान नहीं जाने देंगे। पीएम ने कहा था हमारी नदियों से हमारे हिस्से का पानी बहकर पाकिस्तान जाता रहा और सरकारें चुपचाप देखती रहीं। उन्होंने कहा कि जिस पानी पर आपका हक है वह पानी पाकिस्तान जाने देना चाहिए क्या? यहां के खेत सूखे रहें और वहां हरा-भरा रहे, यह कैसे हो सकता है? उन्‍होंने कहा कि आपके हक का एक बूंद पानी पाकिस्तान नहीं जाने दूंगा।

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