ओवैसी ने टी राजा सिंह की गिरफ्तारी के बाद मुस्लिम समाज से की यह अपील
- पैगंबर मुहम्मद पर गलत टिप्पणी के चलते राजा सिंह को गिरफ्तार कर चेरलापल्ली जेल भेजा गया है। इस बीच एआइएमआइएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मुस्लिम समाज के लोगों से एक खास अपील की है। उन्होंने कहा कि अब आपकी मांग पूरी हो गई है।
हैदराबाद। पैगंबर मुहम्मद पर कथित टिप्पणी के बाद भाजपा के निलंबित नेता टी राजा सिंह को तेलंगाना पुलिस ने एक बार फिर गिरफ्तार कर लिया है। राजा सिंह के खिलाफ हैदराबाद में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। जिसके चलते उन्हें गिरफ्तार कर चेरलापल्ली जेल भेजा गया है। इस बीच एआइएमआइएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मुस्लिम समाज के लोगों से जुमे की नमाज को लेकर बड़ी अपील की है।
लोगों से की यह अपील
ओवैसी ने बयान जारी कर कहा कि टी राजा सिंह को हिरासत में लेने और निलंबित करने की मांग अब पूरी हो गई है। उन्होंने कहा कि लोगों को अब बिना कोई प्रदर्शन किए जुमे की नमाज को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा करने को कहा है। ओवैसी ने हैदराबाद में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “मैं आप सभी से जुमे की नमाज के बाद ऐसा कोई नारा नहीं लगाने का भी आग्रह करता हूं, जिससे देश के सौहार्द में बाधा आए।
टी राजा पर 101 आपराधिक मामले दर्ज
उन्होंने कहा हमारी सबसे बड़ी मांग टीराजा को गिरफ्तार करने की थी, जिसे अब पीडी अधिनियम के तहत पूरी की गई है। पुलिस के अनुसार, निलंबित भाजपा नेता के खिलाफ 101 आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे, जो 18 सांप्रदायिक अपराधों में शामिल थे।
हिंसक माहौल पैदा करने का आरोप
पुलिस के अनुसार टी. राजा सिंह को हैदराबाद के पुलिस आयुक्त के आदेशानुसार 25 अगस्त को 1986 के अधिनियम संख्या 1 यानी पीडी अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया है। अधिकारी ने कहा कि राजा आदतन भड़काऊ भाषण दे रहे हैं और प्रदेश में हिंसक माहौल पैदा कर रहे हैं।
वीडियो हुआ था वायरल
सिंह द्वारा यूट्यूब पर जारी किए गए वीडियो का हवाला देते हुए, पुलिस ने कहा कि वीडियो वायरल होने के बाद हैदराबाद शहर और तेलंगाना के अन्य हिस्सों के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए है और “समुदायों के बीच दरार पैदा करने की कोशिश हुई है। इसके चलते हैदराबाद और तेलंगाना की शांतिपूर्ण प्रवृति बिगाड़ने की भी कोशिश हुई है।
भाजपा ने पार्टी से निलंबित किया
इससे पहले उन्हें मंगलवार को हिरासत में लिया गया था। हालांकि कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। उसके खिलाफ दबीरपुरा पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की धारा 153 (ए), 295 और 505 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। भाजपा ने विधायक को निलंबित कर दिया और कहा कि उनकी टिप्पणी पार्टी लाइन के खिलाफ है।
