इंजीनियरिंग कॉलेजों को अब आईआईटी की ‘कंपनी’ देगी मान्यता, केंद्र सरकार ने बदला नियम

 

खास बातें

  • इंजीनियरिंग कॉलेजों को मान्यता देने को लेकर केंद्र सरकार ने बदले नियम 
  • पहले इंजीनियरिंग कॉलेजों को नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रिडिटेशन देता था मान्यता
  • नए नियम के तहत अब इंजीनियरिंग कॉलेजों को एक कंपनी देगी मान्यता
  • आईआईटी दिल्ली, मद्रास और खड़गपुर मिलकर बनाएंगे नई कंपनी
  • कंपनी के कामकाज में मानव संसाधन विकास मंत्रालय, आईआईटी या एआईसीटीई नहीं देंगे दखल

इंजीनियरिंग कॉलेजों को मान्यता देने को लेकर सरकार ने नियम में बदलाव कर दिया है। नए नियम के तहत अब इंजीनियरिंग कॉलेजों को नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रिडिटेशन (एनबीए) नहीं, बल्कि आईआईटी की कंपनी मान्यता देगी। इसके लिए आईआईटी दिल्ली, आईआईटी मद्रास और आईआईटी खड़गपुर मिलकर कंपनी बनाएंगे। कंपनी का संचालन सीईओ करेगा।

अधिकारी के मुताबिक, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) से मान्यता प्राप्त इंजीनियरिंग कॉलेजों को पाठ्यक्रम, शिक्षण व मूल्यांकन, शोध-परामर्श व विस्तार कार्यक्रम, बुनियादी ढांचा व संसाधन, विकास गतिविधियां, नेतृत्व और नवाचार के आधार पर एनबीए मान्यता देता था। मूल्यांकन के बाद ग्रेड से कॉलेज का स्तर तय होता था।

सीईओ के लिए इसी हफ्ते विज्ञापन

कंपनी के सीईओ पद के लिए आवेदन इसी हफ्ते मांगा जाएगा। इसके बाद कंपनी को मान्यता दिलायी जाएगी। मान्यता देने वाली कंपनी पूरी तरह स्वतंत्र होगी। इसमें मानव संसाधन विकास मंत्रालय, आईआईटी या एआईसीटीई दखल नहीं देंगे।

 
 

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