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नोएडा के अंधविश्वास के सामने योगी का आत्मविश्वास, स्थापित करने में जुटे उत्तरी भारत का सबसे बड़ा लॉज

 

नोएडा: देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ की नजर राजधानी दिल्ली से सटे गौतमबुद्ध नगर यानी नोएडा पर है। मुख्यमंत्री यहां पर कई नई योजनाओं की शुरुआत करने की योजना बना रहे हैं। नोएडा के दादरी में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क और बोडाकी में ट्रांसपोर्ट हब, ग्रेटर नोएडा क्षेत्र को उत्तरी भारत के सबसे बड़े लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करने की योजनाओं पर काम शुरू हुआ है। इसके अलावा नोएडा एयरपोर्ट को देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनाने की दिशा में भी यूपी सरकार ने कदम बढ़ाया है।

यूपी में मार्च, 2017 में मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने के बाद से योगी आदित्यनाथ नोएडा के जरिए प्रदेश के विकास की रूपरेखा बनाने में जुट गए हैं। हालांकि नोएडा को लेकर एक बड़ा अंधविश्वास भी जुड़ा था। वह यह कि जो भी मुख्यमंत्री नोएडा जाता है उसकी कुर्सी चली जाती है। नोएडा को लेकर अंधविश्वास तब जुड़ा जब कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री और गोरखपुर के निवासी वीर बहादुर सिंह 23 जून 1988 को नोएडा गए थे। इसके अगले दिन परिस्थितियां ऐसी बनीं कि उनको अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। यहीं से अंधविश्वास पनप गया कि जो भी नोएडा जाता है उसकी कुर्सी चली जाती है।

बहादुर सिंह के बाद नारायण दत्त तिवारी, मुलायम सिंह यादव, कल्याण सिंह, रामप्रकाश गुप्ता, राजनाथ सिंह, मायावती से लेकर अखिलेश यादव तक मुख्यमंत्री बने लेकिन नोएडा सबको डराता रहा। हालांकि बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने बतौर मुख्यमंत्री इस अंधवश्विास को तोडऩे का हौसला दिखाया था। बाद में उनकी भी कुर्सी नहीं बची थी। मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने नोएडा के बारे में पूर्व से चले आ रहे मिथक को तोड़ा। योगी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर 25 दिसंबर, 2017 को नोएडा के बॉटनिकल गार्डन से दक्षिण दिल्ली के कालिका जी मंदिर तक दिल्ली मेट्रों की मजेंटा लाइन के उद्घाटन में शिरकत किया। इसके बाद से अब तक योगी करीब डेढ़ दर्जन बार नोएडा के चक्कर लगा चुके हैं। कोरोना संक्रमण के बीच योगी दो बार नोएडा जा चुके हैं। पिछले महीने 8 अगस्त को मुख्यमंत्री योगी ने टाटा कंपनी के सहयोग से नोएडा के सेक्टर 39 में बने 420 बिस्तरों वाले प्रदेश के सबसे बड़े कोविड-19 अस्पताल का उद्घाटन किया था।

ये नेता नहीं जुटा पाए नोएडा जाने की हिम्मत
इससे पहले मुलायम सिंह यादव, कल्याण सिंह और राजनाथ सिंह भी उत्तर प्रदेश के सीएम रहे लेकिन कभी नोएडा जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। इसके बाद 1989 में नारायण दत्त तिवारी और 1999 में कल्याण सिंह की भी नोएडा आने के बाद कुर्सी चली गयी। साल 1995 में मुलायम सिंह को भी नोएडा आने के कुछ दिन बाद ही अपनी सरकार गंवानी पड़ गई थी।

देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट भी हो रहा तैयार
मुख्यमंत्री योगी का निर्देश मिलने के बाद नोएडा एयरपोर्ट को देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनाने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने कदम बढ़ाया है। प्राइस वाटरहाउस कूपर्स (पीडब्ल्यूसी) कंपनी ने इसकी प्राथमिक फि‍जिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कर ली है। इसके मुताबिक, पहले चरण में दो रनवे के साथ एयरपोर्ट से हवाई यात्रा की शुरुआत होगी जबकि दूसरे चरण में तीन और रनवे बनाए जाएंगे। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नियाल) के मुताबिक ज्यूरिख कंपनी से करार होते ही एयरपोर्ट के निर्माण का काम शुरू हो जाएगा। अधि‍कारियों के मुताबिक यह करार 15 अक्तूबर तक होने की उम्मीद है और वर्ष 2023 से इन दो रनवे से उड़ान शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

नाइट सफारी की 550 एकड़ जमीन पर बनेगी फि‍ल्म सिटी 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से फिल्म सिटी के लिए नोएडा के तीनों प्राधिकरणों से जमीन तलाशने का निर्देश दिया था। नोएडा प्राधि‍करण ने 500 एकड़ जमीन पर फिल्म सिटी बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। यह जमीन नोएडा के सेक्टर-162, 164, 165 और 166 में है। प्राधि‍करण की सीईओ रितु महेश्वरी के मुताबिक, अभी फि‍ल्म सिटी के लिए 200 एकड़ जमीन उपलब्ध है और बाकी भूमि खरीदनी होगी। ग्रेटर नोएडा प्राधि‍करण ने गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के पास प्रस्तावित नाइट सफारी की 550 एकड़ जमीन पर फि‍ल्म सिटी बनाने का प्रस्ताव बनाया है। यमुना प्राधि‍करण ने जिस जमीन को फि‍ल्म सिटी के लिए चुना है वहां से नोएडा एयरपोर्ट मात्र छह किलोमीटर की दूरी पर है। यह जगह न केवल परी चौक सेक्टर 21 यमुना एक्सप्रेसवे के पास है बल्कि‍ ईस्टर्न पेरीफेरल से भी इसकी दूरी महज 12 किलोमीटर है। फि‍ल्म सिटी के लिए जमीन पर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट लेगी।

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दादरी में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क और बोडाकी में ट्रांसपोर्ट हब 
यूपी सरकार ने नोएडा के दादरी में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क और बोडाकी में ट्रांसपोर्ट हब, ग्रेटर नोएडा क्षेत्र को उत्तरी भारत के सबसे बड़े लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करने की योजना पर काम शुरू किया है। दादरी में ईस्टर्न और वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर मिलेंगे। यहां से कुछ ही घंटों में मुंबई समेत अन्य व्यावसायिक नगरों को माल पहुंच सकेगा। इससे ग्रेटर नोएडा में बनने वाले लॉजिस्ट‍िक हब को बहुत मदद मिलेगी। उद्योग विभाग के एक अधि‍कारी बताते हैं कि अगले एक वर्ष के भीतर नोएडा के लिए शुरू की जा रही योजनाएं जमीन पर आकार लेती दिखाई पडऩे लगेंगी।

 
 

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