कोविड-19 से मुकाबले को मिजोरम का बड़ा फैसला, रिटायर्ड डॉक्टर लौटेंगे ड्यूटी पर

 

आइजोल
मिजोरम सरकार ने राज्य में कोरोना वायरस का पहला सकारात्मक मामला सामने आने के बाद कोविड-19 से मुकाबले के अपने प्रयासों को तेज करते हुए बुधवार को सेवानिवृत्त चिकित्सकों की सेवाओं का उपयोग करने का फैसला किया। राज्य सरकार ने साथ ही कोरोना वायरस से मुकाबले के लिए निजी अस्पतालों से सम्पर्क करने का निर्णय किया है। स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख निदेशक डॉ. एफ लल्लियनहलिरा ने कहा कि कर्मचारियों की कमी का सामना कर रहे राज्य सरकार ने सेवानिवृत्त चिकित्सकों की जानकारी जुटाई है और ड्यूटी रोस्टर तैयार किए हैं।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. आर ललथंगलियाना ने संवाददाताओं से कहा कि राज्य सरकार ने कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई के लिए समन्वय एवं मेडिकल सुविधाओं को मजबूत करने के लिए निजी अस्पतालों के साथ मिलकर एक मेडिकल अभियान दल का गठन किया है। उन्होंने कोरोना वायरस के खिलाफ मुकाबले में राज्य सरकार की मदद करने के लिए निजी अस्पतालों के मालिकों को धन्यवाद दिया। मिजोरम सरकार ने साथ ही असम और त्रिपुरा सरकारों से आग्रह किया कि वे लॉकडाउन की अवधि के दौरान अंतरराज्यीय सीमाओं पर लोगों की आवाजाही को रोकें।

ललथंगलियाना ने कहा कि उन्होंने असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल और त्रिपुरा के उपमुख्यमंत्री जे. देव वर्मा को फोन किया और उनसे अनुरोध किया कि वे अंतरराज्यीय सीमाओं पर कड़ी निगरानी रखें। स्वास्थ्य मंत्री ने वर्तमान में देश के अन्य हिस्सों में रहने वाले मिजोरम के निवासियों से कहा कि वे जहां हैं वहीं रहें और राज्य में प्रवेश नहीं करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने देश के विभिन्न शहरों में फंसे यात्रियों को मिजोरम हाउस में रखने के लिए विशेष व्यवस्था की है।

राज्य में बुधवार को कोरोना वायरस का पहला सकारात्मक मामला सामने आने के बाद ललथंगलियाना ने लोगों से नहीं घबराने की अपील की। मिजोरम के 50 वर्षीय पादरी, जो हाल ही में एम्स्टर्डम से लौटे थे, कोविड-19 से संक्रमित पाये गए हैं। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि बुधवार तक 60,500 से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग कर ली गई है। उन्होंने कहा कि अभी तक कम से कम 191 लोगों को घरों पर पृथक रखा गया है, जबकि चार को दो अस्पतालों में पृथक रखा गया है।

 
 
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