खान सर को कोर्ट से फिर मिली राहत; गिरफ्तारी पर लगी रोक, 25 को सुनवाई, अभी जेल में ही रहेंगे दोनों गार्ड
पटना। राजधानी के मुसल्लहपुर हाट स्थित खान ग्लोबल स्टडीज में दो जून की रात हुए हंगामे और फायरिंग मामले में फैजल खान उर्फ खान सर को एक बार फिर न्यायालय से राहत मिली है।
पटना सिविल कोर्ट ने शनिवार को मामले की सुनवाई के दौरान उनकी गिरफ्तारी पर लगी रोक को अगले आदेश तक जारी रखने का निर्देश दिया।
मामले की अगली सुनवाई 25 जून को होगी। फैजल खान के तीन स्टाफ को भी कोर्ट ने नो कोर्सिव दिया है। उनकी भी गिरफ्तारी पर रोक रहेगी।
खान सर के दोनों सुरक्षा गार्ड की याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने 25 जून तक उन्हें न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया है। उनकी जमानत पर भी 25 जून को ही सुनवाई होगी।
इस दौरान पुलिस ने अदालत में अपडेटेड केस डायरी प्रस्तुत की। बताया जाता है कि केस डायरी में इस बात की चर्चा है कि दहशत के लिए फायरिंग की गई थी।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फिलहाल गिरफ्तारी पर अंतरिम संरक्षण (इंटरिम प्रोटेक्शन) बरकरार रखा। अब मामले की अगली सुनवाई निर्धारित तिथि पर होगी।
गार्डों पर फायरिंग का आरोप, खान सर का नाम भी एफआईआर में
गौरतलब है कि दो जून की रात कोचिंग संस्थान के बाहर हुए बवाल के दौरान खान सर के दोनों गार्डों पर दो-दो राउंड फायरिंग करने का आरोप लगाया गया था।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि यह कार्रवाई खान सर के निर्देश पर की गई थी। इसके बाद पुलिस ने दर्ज एफआईआर में फैजल खान का नाम भी जोड़ लिया था।
इसी मामले में आरोपित बनाए गए ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के निदेशक रौशन आनंद को पूर्व में गिरफ्तार किया गया था। बाद में उन्हें अदालत से जमानत मिल गई और वे जेल से बाहर आ चुके हैं।
रौशन आनंद के भाई की मौत के बाद बढ़ा विवाद
मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब रौशन आनंद के भाई की नेपाल के एक होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। रौशन आनंद ने सार्वजनिक रूप से इस घटना के लिए फैजल खान पर हत्या का आरोप लगाया।
इसके बाद कदमकुआं थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया। रौशन आनंद ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज नहीं की, जिसके विरोध में उन्होंने धरना भी दिया था।
पक्षपात के आरोप भी लगाए
रौशन आनंद लगातार यह आरोप लगाते रहे हैं कि उनके साथ मामले में भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया गया। उनका कहना है कि जिस मामले में उनकी गिरफ्तारी तेजी से हुई, उसी मामले में नामजद किए जाने के बावजूद खान सर के खिलाफ पुलिस ने अब तक कोई कठोर कार्रवाई नहीं की है।
