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इंटरपोल ने खारिज किया ट्रंप के खिलाफ ईरान का गिरफ्तारी वारंट

अमेरिका से तनातनी के बीच ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। ईरान ने ट्रंप और दर्जनों अन्य लोगों को गिरफ्तार करने के लिए इंटरपोल से मदद मांगी थी। जिसे बाद में इंटरपोल ने खारिज कर दिया। स्थानीय वकील अली अलकासीमेहर ने कहा कि ईरान का मानना है कि इन्हीं लोगों ने बगदाद में शीर्ष ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी को ड्रोन हमले में मारा था।

इंटरपोल ने कहा कि वह ईरान के अनुरोध पर विचार नहीं करेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति को हालांकि गिरफ्तारी का कोई खतरा नहीं है, लेकिन इस मामले में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका उस घटना के बाद एकतरफा फैसला लेते हुए तेहरान के साथ परमाणु करार से बाहर आ गया था।
अली ने कहा, ईरान का मानना है कि ट्रंप और 35 अन्य लोग 3 जनवरी की उस घटना में शामिल थे, जिसमें सुलेमानी मारा गया था। वहीं ईरान के लिए अमेरिकी विशेष प्रतिनिधि ब्रायन हुक ने गिरफ्तारी वारंट को खारिज कर दिया। हुक ने इसे प्रचार का स्टंट बताते हुए कहा कि इसे कोई गंभीरता से नहीं लेता।

तीन जनवरी को हुआ था ड्रोन हमला
ईरानी रिवॉल्युशनरी गार्ड के कुद्स फोर्स के मुखिया को अमेरिका ने तीन जनवरी को ड्रोन हमले में मारा था जब वह अपने काफिले के साथ बगदाद में थे। ईरान ने इसका जवाब इराक के अल-असद और इबरिल स्थित दो अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर 22 मिसाइलें दाग कर दिया। उसके बाद दोनों देशों के बीच युद्ध छिड़ने की आशंका गहरी हो गई थी।
खामनेई ने कही थी बदला लेने की बात
जनरल सुलेमानी की मौत के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामनेई ने इसका बदला लेने की बात कही थी। खामनेई ने कहा था कि सुलेमानी की मौत ने अमेरिका और इस्रायल के खिलाफ ईरान के विरोध को दोगुना कर दिया है।
कुछ छिपाने की कोशिश कर रहा है तेहरान : पोम्पियो
वहीं, अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियों ने कहा है कि ईराम अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के निरीक्षकों के नहीं आने दे रहा है। साथ ही वह संभावित अघोषिक परमाणु सामग्रियों और गतिविधियों की जांच में भी आईएईए के साथ सहयोग नहीं कर रहा है। पोम्पियो ने कहा कि ऐसे में गंभीर सवाल उठता है कि तेहरान क्या छिपाने की कोशिश कर रहा है।

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