shobhit University Gangoh
 

अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन

अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन

गंगोह [24CN] : दिनांक 27-03-2025 दिन बृहस्पतिवार को शोभित विश्वविद्यालय, गंगोह के आदर्श विजेंद्र इंस्टिट्यूट ऑफ़ फार्मास्यूटिकल साइंसेज के द्वारा दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का विषय “Higher Education Reforms: Implications on Pharmacy Education and Research” रहा। इस सम्मलेन में 10 देश व 14 राज्यों के  विद्यार्थी शामिल रहे। यह अंतरराष्ट्रीय सम्मलेन ऑफलाइन एवं ऑनलाइन दोनों माध्यम से आयोजित किया गया।

अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र का शुभारंभ आमंत्रित मुख्य अतिथि श्री अनिंदा बोस, एग्जीक्यूटिव एडिटर, अंतःविषय अनुप्रयुक्त विज्ञान, कम्प्यूटेशनल इंटेलिजेंस, एनर्जी स्प्रिंगर नेचर, लंदन, प्रो.(डॉ.) विनोद कुमार त्यागी, कुलपति शोभित सम-विश्वविद्यालय, मेरठ, प्रो.(डॉ.) वैद्य करतार सिंह धीमान, कुलपति, श्री कृष्णा आयुष विश्वविद्यालय (एसकेएयू) कुरूक्षेत्र, हरियाणा, प्रो.(डॉ.) शैलेन्द्र के. सराफ, निदेशक (फार्मेसी) बी.बी.डी.एन.आई.आई.टी., लखनऊ, भारत, प्रो.(डॉ.) रणजीत सिंह कुलपति शोभित विश्वविद्यालय गंगोह, प्रो.(डॉ.) महिपाल सिंह कुलसचिव शोभित विश्वविद्यालय गंगोह एवं प्रो.(डॉ.) भूपेंद्र चौहान, प्रो.(डॉ.) मदन कौशिक ने भारतीय परंपराओं के अनुसार दीप प्रज्वलित कर किया। तत्पश्चात आमंत्रित सभी अतिथियों को विश्वविद्यालय स्मृति चिन्ह एवं शॉल देकर सभी का स्वागत किया गया।

अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की शुरुआत करते हुए सम्मेलन के संयोजक प्रो. (डॉ.) मदन कौशिक ने आमंत्रित सभी अतिथियों का स्वागत किया, तथा कार्यक्रम के विषय एवं महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सम्मेलनों के माध्यम से नई सोच, विकास और खोज को आगे बढ़ाने का अवसर मिलता है।

इस अवसर पर शोभित विश्वविद्यालय, मेरठ के कुलपति प्रो.(डॉ.) विनोद कुमार त्यागी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के संदर्भ में कहा कि शिक्षा को हर स्तर पर सुलभ, गुणवत्ता पूर्ण और सबके लिए समान रूप से उपलब्ध बनाया जाए। शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा पास करना नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझना और उस दिशा में कार्य करना है।

इस अवसर पर आमंत्रित मुख्य अतिथि श्री अनिंदा बोस, एग्जीक्यूटिव एडिटर, एनर्जी स्प्रिंगर नेचर, लंदन ने इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि फार्मेसी शिक्षा और अनुसंधान का भविष्य तेजी से बदल रहा है। वर्तमान में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, और चिकित्सा में हो रही निरंतर प्रगति के कारण, फार्मेसी शिक्षा को और अधिक उन्नत और समृद्ध बनाने की आवश्यकता है। आज के समय में, फार्मेसी अनुसंधान में नैतिकता, मरीजों की सुरक्षा, और प्रौद्योगिकी के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि फार्मेसी के क्षेत्र में शिक्षा और अनुसंधान उच्चतम मानकों पर आधारित हो, ताकि समाज के स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सके।

उद्घाटन सत्र में प्रो.(डॉ.) वैद्य करतार सिंह धीमान, कुलपति, श्री कृष्णा आयुष विश्वविद्यालय (एसकेएयू) कुरूक्षेत्र ने इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन फार्मेसी शिक्षा और अनुसंधान के महत्व को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं, जहां विशेषज्ञ अपने विचारों और अनुभवों को साझा करते हैं एवं विश्व में हो रही निरंतर प्रगति में फार्मेसी शिक्षा को और अधिक उन्नत और समृद्ध बनाने की और अग्रसर करते है।

उद्घाटन सत्र में प्रो.(डॉ.) शैलेन्द्र के. सराफ, निदेशक (फार्मेसी) बी.बी.डी.एन.आई.आई.टी., लखनऊ ने इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में अपने विचार रखते हुए कहा कि फार्मेसी अनुसंधान का क्षेत्र भी अब बेहद विविधतापूर्ण और उन्नत हो चुका है। नवाचार और नई-नई तकनीकों के चलते फार्मेसी अनुसंधान में अब ड्रग डिस्कवरी, बायोमेडिकल इंजीनियरिंग, और व्यक्तिगत चिकित्सा पर जोर दिया जा रहा है। नए फार्मास्युटिकल उत्पादों का विकास, नए उपचार विधियों की खोज और दवाओं के प्रभावी उपयोग के लिए अनुसंधान महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है।

इस अवसर पर शोभित विश्वविद्यालय, गंगोह के कुलपति प्रो.(डॉ.) रणजीत सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए सर्प्रथम शोभित विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री कुंवर शेखर विजेंद्र जी का आभार व्यक्त किया तथा आमंत्रित सभी अतिथियों का स्वागत कर कार्यक्रम के आयोजकों को अनेक शुभकामनाये दी और कहा कि आज के आधुनिक युग में शोधकर्ताओं को नई-नई चुनौतियों का सामना करने के अवसर मिल रहे हैं। जैसे-जैसे फार्मेसी क्षेत्र में अनुसंधान और शिक्षा के मानक बढ़ रहे है, वैसे-वैसे फार्मेसी क्षेत्र समाज के प्रति एक महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करने की और उन्नमुख हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के अंतर्गत विशेषज्ञों द्वारा प्रभावशाली विषयों पर चर्चा के द्वारा विशेष जानकारी व अनुभव को बढ़ावा मिल रहा है।

इस अवसर पर शोभित विश्वविद्यालय, गंगोह के कुलसचिव प्रो.(डॉ.) महिपाल सिंह ने कहा कि फार्मास्युटिकल उत्पादों का विकास, नए उपचार विधियों की खोज और दवाओं के प्रभावी उपयोग के लिए अनुसंधान महत्वपूर्ण है।

उद्घाटन सत्र के अंत में आदर्श विजेंद्र इंस्टिट्यूट ऑफ़ फार्मास्यूटिकल साइंसेज विभाग के डायरेक्टर प्रो.(डॉ.) भूपेंद्र चौहान ने आमंत्रित सभी अतिथियों का आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया। विज्ञप्ति देते समय तक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में टेक्निकल सेशन क्रियान्वित रहा।

इस कार्यक्रम में अन्य शिक्षकगण प्रो.(डॉ.) राजीव दत्ता, प्रो.(डॉ.) विकास शर्मा, प्रो.(डॉ.) तरुण शर्मा, प्रो.(डॉ.) प्रशांत कुमार, प्रो.(डॉ.) गुंजन अग्रवाल, प्रो.(डॉ.) वरुण बंसल, प्रो.(डॉ.) जसवीर राणा, डॉ. नवीन कुमार, डॉ.  सोमप्रभ दुबे आदि उपस्थित रहे।

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