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हांगकांग चुनाव: चीन को नहीं पची समर्थक नेताओं की हार

हांगकांग चुनाव: चीन को नहीं पची समर्थक नेताओं की हार

हांगकांग में रविवार को हुए जिला परिषद के चुनावों में चीनी समर्थक नेताओं की करारी हार को बीजिंग पचा नहीं पा रहा है। चीन की सरकारी मीडिया ने चुनाव नतीजों को कमतर बताने और उस पर अविश्वास जताने को लेकर कई खबरें प्रकाशित कीं। इन चुनावों में लोकतंत्र समर्थक प्रत्याशियों को जबर्दस्त जीत हासिल हुई और ये नतीजे चीन समर्थक शासन के लिए काफी चुभने वाले साबित हुए हैं।

हांगकांग में हुए निकाय चुनावों में लोकतंत्र समर्थक आंदोलनकारियों को लोगों का जबर्दस्त समर्थन मिला है। चीनी मीडिया ने चुनाव में जीतने वालों का कोई जिक्र नहीं किया। इनमें सरकारी प्रसारणकर्ता सीसीटीवी और कम्युनिस्ट पार्टी का मुखपत्र ‘पीपुल्स डेली’ भी शामिल था। पीपुल्स डेली ने कहा, ‘सामाजिक अशांति ने चुनावी प्रक्रिया को गंभीर रूप से बाधित किया।’

चाइना डेली के अंग्रेजी भाषा के संस्करण में छपे एक संपादकीय में कहा गया कि चुनाव को खराब चालों और डराने धमकाने के जरिए बिगाड़ा गया। हिंसक धमकियों वाली उपायों की मंशा शासन समर्थित प्रत्याशियों के प्रदर्शन व दृश्यता को घटाना था।

हांगकांग बिल पर अमेरिकी राजदूत तलब

चीन ने हांगकांग पर लाए गए विधेयक को लेकर बीजिंग में अमेरिकी राजदूत टेरी ब्रेनस्टेड को एक बार फिर तलब किया है। चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि उपमंत्री झेंग झेगुआंग ने ‘हांगकांग मानवाधिकार व लोकतंत्र विधेयक’ को लेकर अमेरिकी राजदूत के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई। झेगुआंग ने चेताया कि अमेरिका को सभी तरह के परिणामों को भुगतने के लिए तैयार रहना होगा।

आंदोलनकारियों को रियायत नहीं : लैम

 हांगकांग की मुख्य कार्यकारी कैरी लाम ने जिला परिषद के चुनावों में मिली हार पर पहली बार प्रतिक्रिया दी है। लैम ने कहा कि सरकार के खिलाफ लोगों में काफी अंसतोष था और यही स्थानीय चुनाव में हार की वजह बनी। साथ ही उन्होंने पांच महीने से हांगकांग में चल रहे सरकारी विरोधी प्रदर्शन में लोकतंत्र समर्थक आंदोलनकारियों को किसी तरह की रियायत देने से इनकार कर दिया।
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