कोरोना से ज्यादा घातक साबित हो रहा तेज बुखार

  • पिछले आठ दिन में बुखार से मरने वालों की संख्या दर्जन भर से भी अधिक
  • स्वास्थ्य विभाग की नहीं टूट रही नींद, ग्रामीणों में रोष

बडग़ांव [24CN] । क्षेत्र में इस समय जानलेवा बुखार कोरोना से ज्यादा घातक साबित हो रहा है। स्थिति यह है कि पिछले आठ दिन में करीब दर्जन भर से ज्यादा लोगों की जिंदगी जानलेवा बुखार लील चुका है और बड़ी संख्या में लोग तेज बुखार से जूझ रहे हैं। बडग़ांव क्षेत्र में शायद ही कोई गाँव बचा होगा जहां बुखार से हाहाकार न मचा हुआ हो। कई घरों में तेज बुखार, उल्टी दस्त के चलते मातम पसरा हुआ है। लगभग क्षेत्र के कई गांवों में बुखार के मरीज लगातार तेजी से बढ़ रहे हैं। दल्हेड़ी, बडग़ांव, महेशपुर,अंबेहटाचांद,बड़ूली माजरा, शिमलाना, सिसौनी, चिराऊ समेत कई गांवों में बुखार के चलते ग्रामीणों में दहशत फैली हुई है।

क्षेत्र में पिछले आठ दिन में दर्जनभर से ज्यादा लोगों की मौत होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की नींद नहीं टूट रही है। तेज बुखार की वजह से ज्यादातर मरीजों की तीन से चार दिन में ही मौत हो रही है। मरने वालों के परिजनों के साथ ग्रामीण भी इस बुखार के तेजी से जानलेवा होने का कारण समझ नहीं पा रहे हैं। पहले इसे सामान्य बुखार समझकर खुद ही इलाज कर रहे हैं। जब तक चिकित्सक के पास मरीज को ले जाया जाता है। तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। बुखार के लक्षण भी टाइफाइड जैसे हैं। कुछ लोग तो टाइफाइड मानकर ही इसका इलाज करा रहे हैं। बडग़ांव निवासी सुखपाल सिंह, रिषीपाल सिंह, श्यामसिंह आदि ने बताया कि पिछले आठ दिन में उनके गाँव में प्रेम सिंह, सुक्कड़, सतपाल, भुरू मिस्त्री, चंदू प्रजापत व दो महिलाओं सहित करीब आठ मौत हो चुकी है यहाँ तीन मौतें तो एक ही दिन में यानि मंलगवार को हुई है।इस समय आसपास के गाँव में ज्यादातर मरीजों को तेज बुखार, शरीर में कमजोरी, ठंड लगना, खांसी, बेचौनी, सिरदर्द, पेट दर्द, उल्टी, दस्त आदि लक्षण इस बीमारी में दिखाई दे रहे हैं।

सरकारी अस्पतालों में ओपीडी बंद, झोलाझाप चिकित्सक कूट रहे चांदी……कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकारी अस्पतालों की ओपीडी फिलहाल बंद है। कोरोना को लेकर भी लोग डरे हुए हैं। ऐसे में ज्यादातर ग्रामीण महंगे इलाज की वजह से झोलाझाप चिकित्सकों से दवाई लेकर खा रहे हैं। हालत बिगडऩे पर भी अप्रशिक्षितो से अपना इलाज करा रहे हैं। इससे शुरूआत में सामान्य लगने वाला बुखार मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। बुखार के कई मरीजों की मौत बाहर के अस्पताल में हुई है। ज्यादातर मामलों में कोरोना जांच भी नहीं कराई गई और कई शवों का भी चुपचाप अंतिम संस्कार कर दिया गया। डिप्टी सीएमओ डा. विक्रम सिंह पुंडीर ने बताया कि मरीजों की मौत के कई कारण हो सकते हैं। अभी तक हमें बुखार से मरने वालों की कोई जानकारी नहीं मिली है। यदि ऐसा है तो हम क्षेत्र में टीम भेजकर इसकी जांच कराएंगे।