ओमिक्रोन को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने चेताया, महामारी की तीसरी लहर के लिए भारत को रहना चाहिए तैयार

ओमिक्रोन को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने चेताया, महामारी की तीसरी लहर के लिए भारत को रहना चाहिए तैयार

हैदराबाद। भारत में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन के चार मामले सामने आ गए हैं। पिछले दिनों कर्नाटक में दो मामले सामने आए थे। इसके बाद अब गुजरात और महाराष्ट्र में भी मामले सामने आ गए हैं। इस बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञ का कहना है कि भारत को महामारी की तीसरी लहर के लिए तैयार रहना चाहिए। तेलंगाना के बीबीनगर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के कार्यकारी निदेशक डा विकास भाटिया ने कहा कि भले ही दुनिया नए कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन के बारे में अधिक जानकारी की प्रतीक्षा कर रही है, भारत को एक संभावित ‘थर्ड वेव’ से लड़ने के लिए तैयार रहना चाहिए, जो इस नए वैरिएंट के कारण आ सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि यह तेजी से फैल सकता, लेकिन कम घातक होगा।

डा विकास भाटिया ने समाचार एजेंसी एएनआइ से कहा, ‘भविष्यवाणी करना बहुत मुश्किल है। अभी 30 से अधिक देशों ने ओमिक्रोन के एक या अधिक मामलों की सूचना दी है और हम अभी इसे लेकर कुछ और जानकारी की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ऐसे में हमें खुद को तैयार करना चाहिए कि एक तीसरी लहर आ सकती है। हो सकता है यह वैरिएंट घातक न हो, जो कि अच्छी खबर होगी। अभी तक दुनिया के किसी भी हिस्से से ओमिक्रोन से संक्रमित किसी मरीज की मौत की खबर नहीं आई है।’

डा विकास ने कहा, ‘ ओमिक्रोन वैरिएंट माइल्ड हो सकता है। दक्षिण अफ्रीका जैसे कुछ देशों में संभवतः यह देखा जा रहा है कि संक्रमण और रोग के प्रकट होने के बीच का अंतर थोड़ा लंबा है। जब यह डेल्टा वायरस से अधिक लंबा होता है, तो यह अधिक से अधिक लोगों में फैलने और संक्रमित करने की संभावना रखता है। अगर इसकी ट्रांसमिशन रेट अधिक होती है, लेकिन घातक नहीं होता, तो यह लोगों के बीच फैलकर यह इम्युनिटी उत्पन्न कर सकता है।’ डा भाटिया ने कहा कि अगर ओमिक्रोन वैरिएंट के कारण आक्सीजन का स्तर गिरता है, तो यह चिंता का विषय होगा, लेकिन उनका मानना है कि देश भर में चल रहे टीकाकरण कार्यक्रम के कारण यह समस्या नहीं होनी चाहिए।


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