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Hathras Case: भड़काऊ भाषण के ऑडियो-वीडियो भी बनेंगे यूपी में माहौल बिगाड़ने की साजिश के गवाह

 
Hathras

लखनऊ [24CN] । हाथरस कांड के बहाने उत्तर प्रदेश में माहौल बिगाड़ने की साजिश को लेकर पुलिस कुछ और मुकदमे भी दर्ज कराने की तैयारी है। इसके लिए हाथरस कांड को लेकर वायरल कई ऑडियो-वीडियो क्लिप की जांच की जा रही है। इनमें भड़काऊ भाषण देने से लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी तक को आधार बनाकर कार्रवाई किए जाने की तैयारी है।

हाथरस कांड में फंडिंग की जांच में जुटे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआइ) के कई बैंक खातों की छानबीन की है। सूत्रों का कहना है कि दिल्ली ईडी की जांच में पूर्व में पीएफआइ से जुड़े कुछ लोगों के खातों में मोटी रकम जमा होने की जानकारियां सामने आ चुकी हैं। हाथरस कांड में वेबसाइट के जरिये विदेश से फंडिंग के मामले में अब उन खातों का ब्योरा भी नए सिरे से खंगाला जा रहा है।

ईडी मथुरा में पकड़े गए पीएफआइ की स्टूडेंट विंग कैंपस फ्रंट आफ इंडिया (सीएफआइ) के कोषाध्यक्ष अतीकुर्ररहमान से खासकर पूछताछ करने की तैयारी में है। हालांकि मथुरा में पकड़े गए चारों आरोपितों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने से पहले ईडी अपना होमवर्क कर रही है। मुजफ्फरनगर निवासी कोषाध्यक्ष के कुछ अन्य साथियों के बारे में भी जानकारियां जुटाई जा रही हैं।

सूत्रों का कहना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सक्रिय पीएफआइ के कुछ सदस्य खास निशाने पर हैं। उनकी बीते दिनों की गतिविधियों की पड़ताल की जा रही है। दूसरी ओर डीजीपी मुख्यालय स्तर पर हाथरस कांड में अब तक सामने आए तथ्यों व कार्रवाई के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इसी को लेकर पुलिस 12 अक्टूबर को हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में अपना पक्ष रखेगी।

जातीय संघर्ष कराने को हुई थी 100 करोड़ की फंडिंग : हाथरस कांड में फंडिंग मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कई बैंक खातों का ब्योरा जुटाना शुरू किया है। प्रकरण में पापुलर फ्रंट इंडिया (पीएएफआइ) की स्टूडेंट विंग कैंपस फ्रंट आफ इंडिया (सीएफआइ) की भूमिका आने के बाद फंडिंग की कड़ियां जुड़ने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। मथुरा से सीएफआइ के जिन चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, उनसे पूछताछ में कई अहम तथ्य सामने आने का दावा किया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि हाथरस में माहौल बिगाड़ने के लिए विदेश से करीब 100 करोड़ की फंडिंग के तथ्य सामने आए हैं। इनमें मारिसस से करीब 50 करोड़ रुपये की फंडिंग की गई। प्रवर्तन निदेशालय इन तथ्यों की प्रमाणिकता को भी देख रहा है। हालांकि अधिकारी अभी इसे लेकर अभी कुछ बोलने से इनकार कर रहे हैं।

कई बिंदुओं पर छानबीन : एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार का कहना है कि माहौल बिगाड़ने की साजिश रचने वालों के विरुद्ध कई बिंदुओं पर छानबीन कराई जा रही है। संबंधित वेबसाइट को ब्लॉक कराया जा चुका है। मथुरा में पकड़े गए आरोपितों से पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर उनसे जुड़े कुछ अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच होगी। पुलिस ने हाथरस कांड में सामने आए कई तथ्यों को ईडी से साझा भी किया है। जिसके बाद ईडी अब कई बैंक खातों की छानबीन कर रही हैं। वेबसाइट के जरिए फंडिंग की कड़ियां जोड़ने के लिए पीएफआइ के कुछ सदस्यों की गतिविधियों को भी देखा जा रहा है। उनके मूवमेंट के अलावा करीबियों के बैंक खातों व सोशल मीडिया अकाउंट का ब्योरा भी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने भी पूर्व में पीएफआइ के कई सदस्यों के बैंक खातों की छानबीन की थी। ईडी से उसका ब्योरा भी साझा किया जाएगा।

 
 

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