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30 साल से रोज पैदल 15 किलोमीटर चलकर लोगों तक खत पहुंचाता था ये पोस्टमैन, लोग बता रहे असली भारत रत्‍न

30 साल से रोज पैदल 15 किलोमीटर चलकर लोगों तक खत पहुंचाता था ये पोस्टमैन, लोग बता रहे असली भारत रत्‍न

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर इनदिनों तमिलनाडु के 65 वर्षीय डी शिवन की कहानी काफी वायरल हो रही है जोकि पेशे से पोस्टमैन थे, जो पिछले हफ्ते ही रिटायर्ड हुए हैं। दरअसल, महीने के 12,000 रुपये कमाने वाले सिवन लोगों तक पत्र पहुंचाने के लिए रोजना करीब 15 किलोमीटर का पहाड़ी व जंगली रास्ता तय करते थे। इस दौरान उनका सामना जंगली जानवरों से भी हुआ। लेकिन मुश्किल रास्तों और खतरनाक जानवर भी उनको हौंसले को कम नहीं कर सके।  वह 30 साल से रोज 15 किलोमीटर चलकर लोगों तक खत पहुंचाने का काम करते थे।

पद्मश्री से सम्मानित करने की गुजारिश कर रहे यूजर्स 
सोशल मीडिया यूजर्स उनकी तारीफों के पुल बांध रहे हैं और डी. सिवन को पद्मश्री से सम्मानित करने की गुजारिश कर रहे हैं। मीडिया से बातचीत के दौरान वह कहते हैं कि उन्होंने ठानी थी जबतक रिटायर नहीं हो जाते अपनी ड्यूटी पूरी इमानदारी से करेंगे। 65 साल की उम्र में शिवन पिछले सप्ताह रिटायर हुए हैं। जोखिम भरे इस काम के लिए उन्हें लोगों की दुआओं के साथ  12,000 रुपये हर महीने वेतन मिलता था। कठिन परिस्थितियों में काम कर रहे शिवन ने कभी अपनी पगार को लेकर कोई शिकायत नहीं की।

आईएएस अधिकारी ने पोस्ट की फोटो
आईएएस अधिकारी सुप्रिया साहू ने पोस्टमैन की फोटो पोस्ट करते हुए कैप्शन में लिखा, पोस्टमैन डी शिवन हर रोज 15 किलोमीटर चलकर कुन्नूर के घने जंगलों में हाथी, भालू, गौर का सामना करते हुए लोगों तक खत पहुंचाते हैं। वह इस दौरान झरने और सुरंग भी पार करते हैं। उन्होंने अपनी ड्यूटी पूरे 30 साल पूरी निष्ठा से निभाई, पिछले हफ्ते वह रिटायर हुए हैं। सोशल मीडिया पर यूजर्स पोस्टमैन को देश का असली भारत रत्‍न बता रहे हैं।

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