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चप्पलें घिसने के बाद भी नहीं थके पांव, प्लास्टिक की बोतलें बांध, मजदूर ढूंढ रहे हैं गांव

चप्पलें घिसने के बाद भी नहीं थके पांव, प्लास्टिक की बोतलें बांध, मजदूर ढूंढ रहे हैं गांव

अंबाला   कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच प्रवासियों का पलायन आम बन चुका है। पंजाब में लगभग 10 लाख प्रवासी श्रमिक अपने घर जाने का आवेदन कर चुके है। हालात तो ऐसे है कि विभिन्न राज्यों से लोग पैदल ही लंबी दूरी तय कर अपने घर जाना शुरू कर रहे है। ऐसे में एक दर्दनाक तस्वीर सामने आई है। पंजाब से पैदल ही पलायन कर अंबाला पहुंचे मजदूर बिना चप्पल के पानी की बोतलों को ही पैरों में बांधकर चप्पल आगे बढ़ रहे है। इतने भारी संख्या में मज़दूर के अपने घर पर लौटे समय कर्फ्यू पास नहीं है जन पुलिस को पता चला तो उन्हें नेशनल हाईवे पर रोककर खदेड़ दिया। पुलिस की मार के डर से मजदूरों में भगदड़ मच गई और कई लोगों के जूते चप्पल वहीं छूट गए और कुछ लोगों के पैदल चलते हुए जूते-चप्पल घिस गए। बढ़ती धुप में बिना चप्पलो के चलना मुश्किल हो जाने पर इन्होने बोतल को ही पांव में बाढ़ चला शुरू कर दिया।

विधायक ने सुचना मिलते ही भेजी चप्पलें 
अंबाला के विधायक असीम गोयल को जब ये बात पता चली तो उन्होंने  उन्होंने नई चप्पलें मंगवाकर मजदूरों को पहनाईं। उन्होंने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से भी बात की।

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