2020 के अंत तक भारत के साथ मिलकर बना लेंगे कोरोना का टीका: डोनाल्ड ट्रंप

 

 

  • कोरोना से जंग में भारत ने अमेरिका को दी दवा, अब वेंटिलेटर्स देकर दोस्ती निभाएगा यूएस
  • डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 2020 के अंत तक भारत और अमेरिका मिलकर कोरोना का टीका बना लेंगे
  • ट्रंप ने कहा, इस साल के अंत या उसके कुछ समय बाद यह टीका बाजार में उपलब्ध होगा
  • अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, मैं कुछ ही समय पहले भारत से लौटा, हम भारत के साथ मिलकर काम कर रहे हैं

न्यू यॉर्क
भारतीय-अमेरिकी वैज्ञानिकों को महान और अनुसंधानकर्ता बताते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति (American President) डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने शुक्रवार को कहा कि भारत और अमेरिका साथ मिलकर कोरोना वायरस (Coronavirus Vaccine) का टीका विकसित करने में जुटे हुए हैं। ट्रंप ने कहा कि इस साल (2020) के अंत तक कोरोना वायरस का टीका विकसित होने की संभावना है।

ट्रंप ने कहा, ‘मैं कुछ ही समय पहले भारत से लौटा हूं और हम भारत के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। अमेरिका में भारतीय बहुत बड़ी संख्या में हैं और आप जिन लोगों के बारे में बात कर रहे हैं उनमे से कई लोग टीका विकसित करने में जुटे हुए हैं। बेहतरीन वैज्ञानिक और अनुसंधानकर्ता।’ ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना बहुत अच्छा मित्र बताया। इस बीच, समाचार एजेंसी एपी की खबर के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को उम्मीद जताई कि इस साल के अंत तक या उससे कुछ समय बाद कोरोना वायरस का टीका बाजार में उपलब्ध हो सकता है।

“मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि अमेरिका हमारे दोस्त भारत को वेंटिलेटर दान करेगा। हम इस महामारी के वक्त भारत और पीएम नरेंद्र मोदी के साथ खड़े हैं।”-डोनाल्ड ट्रंप, राष्ट्रपति, अमेरिका

लॉकडाउन को लेकर भी किया इशारा
ट्रंप की ओर से वायरस के मामलों के लिए प्रशासन में नियुक्त किए गए एक पूर्व दवा कार्यकारी मोनसेप स्लोई ने कहा कि हमारा प्रयास वर्ष 2020 के अंत तक टीका तैयार करने का है। रोज गार्डन के एक कार्यक्रम में ट्रंप ने कहा कि वह राज्यों को आर्थिक गतिविधियों को दोबारा शुरू करने के साथ ही इसे आगे बढ़ते हुए देखना चाहते हैं।

‘भारत को वेंटिलेटर देगा अमेरिका’
भारत ने हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवाई अमेरिका भेजने के लिए निर्यात पर लगे बैन को हटाया था। संकट के वक्त भारत की तरफ से की गई इस मदद का अमेरिका कायल तो हुआ ही था और अब उसने भी बदले में मदद का फैसला किया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय समयानुसार रात करीब 12.30 बजे ट्वीट किया, ‘मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि अमेरिका हमारे दोस्त भारत को वेंटिलेटर दान करेगा। हम इस महामारी के वक्त भारत और पीएम नरेंद्र मोदी के साथ खड़े हैं। हम वैक्सीन बनाने में भी सहयोग कर रहे हैं। हम साथ मिलकर इस अदृश्य दुश्मन से लड़ेंगे।’

कैसे करता है काम

  • कैसे करता है काम

    दरअसल, माउथवॉश में भी ऐल्कोहॉल होता है जैसे सैनिटाइजर में होता है। दिन में दो बार इसका इस्तेमाल करने से किसी भी बैक्टीरिया के खत्म होने के चांस बढ़ जाते हैं। इसमें सिटाइलपाइरिडीनियम, क्लोरहेक्सिडाइन, क्लोराइड, हाइड्रोजन पेरॉक्साइड और पोविडन-आयोडीन होते हैं। ये सभी इन्फेक्शन से बचाते हैं। हालांकि, इन पर डीटेल में रीसर्च किए जाने की जरूरत भी है।
  • इसलिए Mouthwash नहीं है इलाज

    डेंटल एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस रिपोर्ट का मतलब यह बिलकुल नहीं है कि लोग बड़ी मात्रा में माउथवॉश खरीदने लगें। लोगों को यह नहीं सोचना चाहिए कि सिर्फ माउथवॉश के इस्तेमाल से कोरोना ठीक हो जाएगा या वायरस फैलेगा नहीं। हालांकि, इसमें कोई दोराय नहीं है कि लोगों को हमेशा और खासकर इस वक्त अपने मुंह की सफाई का ध्यान रखना चाहिए।
  • ये बचान जरूरी

    इसका मतलब यह नहीं है कि सिर्फ माउथवॉश के इस्तेमाल से किसी COVID-19 नहीं हो सकता क्योंकि वायरस सिर्फ मुंह नहीं बल्कि नाक और आंख के सहारे भी शरीर में दाखिल हो सकता है। इसलिए, सोशल डिस्टेंसिंग करना, अच्छे से हाथ धोना, मास्क पहनना और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना चाहिए।

 

 

 
 

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