जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सहारनपुर द्वारा उपकारागार देवबन्द में वर्चुयल विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन।

  • जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव/न्यायिक अधिकारी (वरिष्ठ) श्रीमती सुमिता ने कारागार में निरूद्ध बन्दियांे को उनके मौलिक कर्तव्यों एवं अधिकारों के बारे में जानकारी दी।

सहारनपुर [24CN] ।उन्होंने बंदियां को संविधान में दिये गये मौलिक कर्तव्यो की शपथ दिलाई तथा बन्दियों को कारागार में रहते हुए कुछ मौलिक अधिकारों के सम्बन्ध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तारी के समय सम्बन्धितजनो को सूचित करने का अधिकार, निःशुल्क विधिक सहायता का अधिकार, स्वास्थ्य पोषण का अधिकार त्वरित विचारण का अधिकार आदि । उन्होंने जेल प्रशासन को निर्देश दिये कि बन्दियों को मानसिक स्वास्थ्य के लिये प्रेरणास्पद  बाते बताये साथ ही जीविकोपार्जन हेतु उन्हे तकनीकि/व्यावसायिक प्रशिक्षण दे ताकि वे कारागार से बाहर आने पर स्वय को जिम्मेदार नागरिक बन सके और जेल की अवधि में अपना समय का सदुपयोग करे।

राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष/जनपद न्यायाधीश श्री सर्वेश कुमार के मार्गदर्शन में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जारी एक्शन प्लान के अनुपालन में आज जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव उप कारागार देवबन्द में वर्चुयल विधिक साक्षरता शिविर का सम्बोधित कर रही थी। उन्होने शिक्षा को सुधार का सशक्त माध्यम बताया।

वर्चुयल विधिक साक्षरता शिविर में कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के बारे में महत्वपूर्ण जानकाारियाॅ बन्दियों को दी गयी, उन्होने बन्दियों को समय समय पर हाथ धोने, मास्क पहनने और सामाजिक दूरी के निर्देशों का पालन करने का निर्देश दिया। विधिक साक्षरता शिविर में जेलर उप कारागार देवबन्द ने पुनः अवगत कराया कि कारागार में बन्दियों के उपचार हेतु किसी चिकित्सक एवं फार्मेसिस्ट की नियुक्ति नहीं है जिस कारण से आकस्मिकता में तुरन्त  बन्दियों के उपचार हेतु अन्य स्थान पर जाना पडता है। सचिव ने जेलर उप कारागार देवबन्द से ऐसे बन्दियों की सूची उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिये जिन्होने संबधित अपराध में पा्रविधानित कुल सजा की आधी सजा जेल में बिता ली है और उनको दण्ड प्रकिया संहिता की धारा 436-ए का लाभ प्राप्त हुआ है अथवा नहीं।
शिविर में 10 बन्दियों ने प्रतिभाग किया साथ ही बन्दियों से अपील की कि वह 12 नवम्बर व 27 नवम्बर, 2020 को आयोजित होने वाली जेल ई-लोक अदालत में अपना मामला निस्तारण हेतु स्वेच्छा से प्रार्थनापत्र दे सकते हैं। 12 नवम्बर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हो रहा है जिसमें शमनीय अपराधों को सुलह समझौते के आधार पर निपटाया जायेगा इसका अधिकाधिक लाभ उठायें।

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