बीजेपी का मुकाबला करने के लिए कार्यकर्ताओं को राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ाएगी कांग्रेस

 

 नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई में बीजेपी लोकसभा चुनाव के साथ-साथ राज्यों के विधानसभा चुनावों तक में राष्ट्रवाद को मुद्दा बनाती रही है और उसे इसका लाभ भी मिलता रहा है। अब कांग्रेस भी बीजेपी को जवाब देने के लिए अपने कार्यकर्ताओं को राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ाने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस से जुड़े शीर्ष सूत्रों ने बताया कि पार्टी अब कार्यकर्ताओं को ‘राष्ट्रवाद’, ‘संचार’ और ‘प्रचार अभियान’ की ट्रेनिंग देगी।

‘राष्ट्रवादी पहचान’ को पुख्ता करने की कोशिश
कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग में कांग्रेस सबसे ज्यादा जोर पार्टी की राष्ट्रवादी पहचान पर रखेगी, जिसने स्वतंत्रता आंदोलन का नेतृत्व किया था। आजादी के बाद अपने शासनकाल की उपलब्धियों के जरिए वह ‘राष्ट्रवादी पार्टी’ की पहचान को पुख्ता करेगी और साथ में कार्यकर्ताओं को यह भी बताएगी कि बीजेपी के ‘छद्म-राष्ट्रवाद’ को कैसे बेनकाब करना है।

कैंपेन कैसे चलाएं, इसकी भी देगी ट्रेनिंग
कार्यकर्ताओं को चुनाव प्रचार के नए तौर-तरीकों के बारे में बताया जाएगा। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया, ‘चुनाव अभियान कैसे चलाएं, यह ट्रेनिंग का एक प्रमुख मुद्दा होगा।’ इसके अलावा, कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं को यह भी बताएगी कि संचार के साधनों का कैसे इस्तेमाल करें और किस तरह इनके जरिए ज्वलंत मुद्दों पर नियमित तौर पर वोटरों से जुड़ना चाहिए।

नियमित तौर पर दी जाएगी कार्यकर्ताओं की ट्रेनिंग
कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग देने की योजना पर गंभीर है। वह इसे रस्मी कार्यक्रम के बजाय पार्टी के हर संगठन में नियमित तौर पर पूरे साल चलने वाला कार्यक्रम बनाने की योजना बना रही है। इसके जरिए न सिर्फ नेताओं का कार्यकर्ताओं से संवाद होगा बल्कि ट्रेनिंग से काडर का उत्साह और आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की पार्टी के प्रदेश अध्यक्षों, विधायक दल के नेताओं और राज्यों के प्रभारियों के साथ हालिया मंथन में भी कार्यकर्ताओं की ट्रेनिंग का मुद्दा टॉप अजेंडा में रहा था।

बीजेपी को रोकने की रणनीति
ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस का फोकस ‘राष्ट्रवाद’ के मुद्दे को सफलता से भुना रही बीजेपी को रोकने की रणनीति पर है। कांग्रेस का इतिहास ही राष्ट्रवाद का रहा है, जिसके नेताओं ने स्वतंत्रता आंदोलन का नेतृत्व किया था। शायद इसी वजह से कांग्रेस राष्ट्रवाद के मुद्दे पर सालों तक बेफिक्र रही। लेकिन नरेंद्र मोदी की अगुआई में बीजेपी ने राष्ट्रवाद को न सिर्फ हथियार बनाया बल्कि सरदार पटेल जैसे स्वतंत्रता आंदोलन के नायकों से कथित अन्याय के लिए जवाहर लाल नेहरू को जिम्मेदार ठहराया। इस तरह बीजेपी कांग्रेस की विरासत में भी सेंध लगाने की कोशिश में है।

राष्ट्रवाद को हर चुनाव में मुद्दा बनाती रही है बीजेपी
बीजेपी ने जहां लोकसभा चुनाव के दौरान सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक जैसे मुद्दों को भुनाया, वहीं हरियाणा और महाराष्ट्र के मौजूदा विधानसभा चुनावों में भी अनुच्छेद 370 के खात्मे जैसे मुद्दे को प्रमुखता से उठा रही है।

 
 

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