राममंदिर निर्माण के लिए जन्मभूमि कार्यशाला में एनरिक से चल रहा पत्थरों की सफाई का काम

 

अयोध्याः कोरोना संकट के मद्देनजर लागू देशव्यापी लॉकडाउन में सब कूछ स्थगित है। वहीं उत्तर प्रदेश के रामनगरी अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का कार्य धीरे-धीरे प्रगति पर है। राम जन्मभूमि परिसर में लोहे के बैरिकेट्ड हटाए जा रहे हैं, सफाई हो रही है। तो वहीं अब राम मंदिर में लगाए जाने वाले पत्थरों की भी सफाई का काम तेजी के साथ किया जा रहा है।

बता दें कि विश्व हिंदू परिषद की कार्यशाला में इस समय राम मंदिर निर्माण के निमित्त तराशे गए पत्थरों में न्यू के पत्थरों की सफाई की जा रही है। इस काम में तीन कुशल कारीगर इस समय लगे हुए हैं और लॉकडाउन खत्म करने के बाद कारीगरों की संख्या बढ़ा दी जाएगी। लेकिन यह तीन कारीगर सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए पत्थरों पर लगी काई और गंदगी को साफ करने का काम कर रहे हैं।

एनरिक से की जा रही पत्थरों की सफाई
वहीं साल 2002 से राम जन्म भूमि की कार्यशाला में काम करने वाले कारीगर श्यामू ने बताया कि यह विशेष तरीके के पत्थर से इन पत्थरों की सफाई की जा रही है। यह एनरिक पत्थर है जो पत्थरों की सफाई के काम में ही आता है। यह विशेष तरीके का पत्थर होता है जो ब्लेंडर की मशीनों पर लगाकर कर के सफाई के काम में लिया जाता है। सफाई करने वाले कारीगर की मानें तो यह पत्थर मंदिर निर्माण के न्यू में लगाया जाएगा। लॉकडाउन के बाद कारीगरों की संख्या में इजाफा किया जाएगा. 8 घंटे नित्य यह कारीगर पत्थरों की सफाई का काम कर रहे हैं।

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