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श्रद्धा सुमन अर्पित कर बुद्ध पूर्णिमा मनाई’

श्रद्धा सुमन अर्पित कर बुद्ध पूर्णिमा मनाई’
  • भगवान बुद्ध की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित करते पूर्व सभासद राजकुमार जाटव

देवबंद [24CN]: बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर रविदास मार्ग स्थित पूर्व सभासद  राजकुमार जाटव के निवास पर भगवान बुद्ध को याद करते हुए उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए।

इस अवसर पर राजकुमार जाटव पुर्व सभासद ने भगवान बुद्ध को पुष्प अर्पित कर याद करते हुए बताया कि भगवान गौतम बुद्ध का जन्म ईसा से 563 वर्ष पूर्व कपिलवस्तु की महारानी से अपने मायके जाते समय लुम्बनी नामक वन में हुआ था। सात दिन बाद ही इनकी माता माया देवी का निधन हो गया और इनको इनकी मौसी गौतमी ने पाला। इनको शस्त्र व शास्त्र की शिक्षा गुरू विश्वामित्र ने दी थी। आज के ही दिन 35 वर्ष की आयु में पीपल वृक्ष के नीचे सिद्धार्थ गौतम ने बुद्धत्व को प्राप्त किया था। गौतम बुद्ध के जीवन की तीन महत्व पूर्ण घटनाएं जन्म ज्ञान प्राप्ति तथा महापरिनिर्माण वैशाख पूर्णिमा के दिन हुई।

विवाह के अतिरिक्त तीनों घटनाओं का एक ही दिन होना बौद्ध उपासकों, भारतीय सविधान निर्माता बोधिसत्व डा0 भीमराव अम्बेडकर के अनुयायियों भिक्षुओं तथा मानवतावाद के समर्थको के लिए अत्येत महत्वपूर्ण पावन पर्व है। इसलिए वैशाख पूर्णिमा को त्रिविधि पावनी मानकर बुध्द पूर्णिमा के रूप में सम्पूर्ण विश्व के लगभग 96 देशों में बौद्ध श्रद्धालुओं द्बारा इस पर्व को मनाया जाता है। सयुंक्त राष्ट संघ भी वैशाख पूर्णिमा बुद्ध जयन्ती को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाता है।

मास्टर यशपाल सिंह ने बताया कि सिद्दार्थ गौतम ने बुद्धत्व को प्राप्त किया था और बुद्ध वन गये। इस दिन भगवान बुद्ध का 80 साल की उम्र में कुशीनगर के अदर महापरिनिर्वाण हुआ था। इसी लिए इस पूर्णिमा को पूरी बुद्ध पूर्णिमा के रूप में मनाते है। इस अवसर पर नरेंद्र कुमार जाटव, मनोज कुमार जाटव, हेम कुमार जाटव, मोन्टी जाटव, श्री मती सुरेखा जाटव, कु0भव्या, विभोर जाटव, आदि उपस्थिति रहे।

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