व्रत एवं त्यौहार articles

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हनुमान जयंती, हनुमान जी के 12 नाम और उनका अर्थ जिनको पढ़ने से हर मुश्किल हो जाती है दूर

हनुमान जयंती, हनुमान जी के 12 नाम और उनका अर्थ जिनको पढ़ने से हर मुश्किल हो जाती है दूर

हनुमान जयंती पर बजरंग बली की स्तुति 12 नामों से करनी चाहिए। ये स्तुति आनन्दरामायण में बताई गई है। हनुमान जी के 12 नाम लेने से हर तरह के दुख दूर हो जाते हैं। हनुमान जी के 12 नामों की स्तुति का एक श्लोक है। जिसमें हनुमान जी के इन 12 नामो की महिमा है।

चैत्र नवरात्र का पहला दिन, आज शैलपुत्री माता के इस मंत्र से करें पूजा, ये है पूरी विधि

चैत्र नवरात्रि आज से शुरू हो गई है। आज शैलपुत्री देवी की पूजा का दिन है। नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा होती है। माना जाता है कि देवी के इस रूप का नाम शैलपुत्री इसलिए पड़ा क्योंकि उनका जन्म राजा हिमालय के यहां हुआ था। मां शैलपुत्री को अखंड सौभाग्य का प्रतीक

घट स्थापना से ब्रह्मांड में मौजूद शक्ति का किया जाता है आह्वान

देवी आराधना का पर्व चैत्र नवरात्रि इस बार 6 अप्रैल से शुरू हो रहा है। नौ दिनों तक चलने वाली पूजा में देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना की जाती है। नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा-उपासना से जातक को हर मुश्किल से छुटकारा मिल जाता है। घटस्थापना नवरात्रि के पहले दिन होती है।

हर 60 साल में एक बार आता है एक संवत का नाम, इस बार ‘परिधावी संवत्सर’

दुनिया भले ही नया साल जनवरी से मनाती है, लेकिन सनातन कालगणना में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से ही नववर्ष की शुरुआत मानी गई है। पुराण कहते हैं कि इसी दिन ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना की थी। मतलब ये दिन मानव सभ्यता के अभ्युदय का दिन है। किसी अन्य नववर्ष से ज्यादा महत्वपूर्ण और मान्य।

शनिवार से शुरू हो रहा है हिन्दू नववर्ष, नए साल का राजा होगा शनि, सूर्य रहेगा मंत्री

शनिवार 6 अप्रैल 2019 से हिंदू नववर्ष यानि नया संवत्सर शुरू हो रहा है। इस संवत्सर का नाम परिधावी है। इसके स्वामी इंद्राग्नि होंगे। नववर्ष के राजा शनिदेव और मंत्री सूर्यदेव रहेंगे। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार अभी चैत्र मास चल रहा है। चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा (6 अप्रैल)

हिन्दू कैलेंडर, अप्रैल 2019 में शुरू हो रहा है हिन्दू नववर्ष, इस महीने रहेंगे रामनवमी और हनुमान जयंती जैसे बड़े तीज-त्योहार

हिन्दू कैलेंडर के अनुसार अप्रैल 2019 के 13 दिन तीज-त्योहार के रहेंगे। जिनमें गुड़ी पड़वा यानी हिन्दू नववर्ष सहित चैत्र नवरात्र, गणगौर तीज, राम नवमी और हनुमान जयंती जैसे व्रत-त्योहार भी शामिल हैं। इसके अलावा ये महीना इसलिए खास है क्योंकि इसकी शुरुआत एकादशी से हो रही है और ये महीना एकादशी पर ही खत्म

चैत्र नवरात्र / देवी उपासना करने वालों के लिए खास रहेंगे ये 9 दिन, नवरात्र के दौरान बनेंगे 8 शुभ योग, 2 दिन मनाई जाएगी श्रीराम नवमी

इस बार चैत्र नवरात्र पूरे 9 दिन की रहेगी, यानी तिथियों का क्षय इस बार नहीं होगा। साथ ही इस नवरात्र में अनेक शुभ योग भी बन रहे हैं। ज्योतिषियों के अनुसार नवरात्र में कार्यसिद्धि, अर्थसिद्धि, पद-प्रतिष्ठा के लिए देवी मंदिरों में विशेष अनुष्ठान कराए जाएंगे। 14 अप्रैल को होगा नवरात्र का समापन नवरात्र में

नव संवत्सर के राजा शनि, मंत्री सूर्य, चैत्र नवरात्र में 5 सर्वार्थ सिद्धि व रवि पुष्य योग

भोपाल: नव विक्रम संवत्सर 2076 का शुभारंभ गुड़ी पड़वा पर 6 अप्रैल शनिवार को रेवती नक्षत्र में होगा। परिधावी नाम के इस संवत्सर के राजा शनि व मंत्री सूर्यदेव होंगे। ज्योतिषियों ने परिधावी नाम को अति शीघ्रता से अनुसरण करने वाला बताया है। इसी दिन चैत्र प्रतिपदा भी रहेगी और नवरात्र महोत्सव भी शुरू होगा।

हुलहुली शब्द से जन्मी थी होली, शिव के 3 नेत्रों का स्मरण ही होली है

पुराण और वैदिक परंपराएं होली को एक यज्ञ के रूप में स्वीकार करती हैं। जिस तरह विजयादशमी जीत का पर्व है, वैसे ही होली भी विजय का पर्व है। दशहरा शत्रु पर तो होली स्वयं पर विजय का उत्सव है। भीतर की बुराई को होली की अग्नि में दहन करना, वैमनस्य को भूल कर प्रेम

आज का पंचांग, 16 मार्च, शनिवार के मुहूर्त, हिन्दू कैलेंडर के अनुसार दिन के शुभ-अशुभ समय और राहुकाल

आज का पंचांग: 16 मार्च शनिवार को सूर्य-चंद्रमा की स्थिति से सौभाग्य और शोभन नाम के शुभ योग बन रहे हैं। वहीं पुनर्वसु नक्षत्र के कारण छत्र नाम का शुभ योग भी बन रहा है। आज आप कोई शुभ काम करने की साेच रहे हैं तो इससे पहले यहां देखकर आप शुभ-अशुभ समय के बारे

आज का पंचांग, 15 मार्च, शुक्रवार के मुहूर्त, हिन्दू कैलेंडर के अनुसार दिन के शुभ-अशुभ समय और राहुकाल

आज का पंचांग, 15 मार्च शुक्रवार को सूर्य-चंद्रमा की स्थिति से आयुष्मान और सौभाग्य नाम के शुभ योग बन रहे हैं। वहीं आर्द्रा नक्षत्र के कारण पद्म नाम का शुभ योग भी बन रहा है। आज आप कोई शुभ काम करने की साेच रहे हैं तो इससे पहले यहां देखकर आप शुभ-अशुभ समय के बारे

आज का पंचांग, 13 मार्च, बुधवार के मुहूर्त, हिन्दू कैलेंडर के अनुसार दिन के शुभ-अशुभ समय और राहुकाल

आज का पंचांग:  13 मार्च बुधवार को सूर्य-चंद्रमा की स्थिति से विषकुंभ और प्रीति नाम के योग बन रहे हैं। वहीं रोहिणी नक्षत्र के कारण शुभ नाम का योग बन रहा है। आज आप कोई शुभ काम करने की साेच रहे हैं तो इससे पहले यहां देखकर आप शुभ-अशुभ समय के बारे में जान सकते

इन दिनों में नहीं किए जाता कोई भी शुभ कार्य, दान-पुण्य का मिलता है विशेष फल

इस साल होलाष्टक 13 मार्च 2019, बुधवार से शुरू होकर 20 मार्च तक रहेगा। पंचांग भेद होने के कारण देश में कई जगह ये 14 मार्च से माना जाएगा। होलिका दहन के साथ यह समाप्त होगा। होलाष्टक के दिनों में सभी तरह के शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं। होलाष्टक जुड़ी विशेष बातें इसलिए माना

आज का पंचांग

आज का पंचांग:  8 मार्च शुक्रवार को सूर्य-चंद्रमा की स्थिति से शुभ और शुक्ल नाम के योग बन रहे हैं। वहीं उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के कारण ध्वज नाम का एक शुभ योग और रहेगा। आज आप कोई शुभ काम करने की साेच रहे हैं तो इससे पहले यहां देखकर आप शुभ-अशुभ समय के बारे में जान

मनचाहे धनलाभ और विद्या का मिलेगा वरदान, करें बुधवार का व्रत, पढ़ें सरल विधि

बुधवार का दिन बुध ग्रह के नाम होता है। यदि आपके घर में धन नहीं रुक रहा है, आए दिन घर में क्लेश मच रहा है, तो बुध ग्रह के पूजन से राहत मिल सकती है, क्योंकि यह व्रत बुध ग्रह का अशुभ प्रभाव दूर करने के साथ-साथ मन की शांति, विद्या, धनलाभ, व्यापारिक उन्नति

आज कूष्मांडा देवी की पूजा, मिलता है ये लाभ

आज चैत्र नवरात्र का चौथा दिन है। देवी भाग्वत् पुराण में बताया गया है कि इस दिन मां दुर्गा की पूजा कूष्मांडा रूप में करनी चाहिए। देवी कूष्मांडा आदिशक्ति का चौथा स्वरूप हैं। पुराण में बताया गया है कि प्रलय से लेकर सृष्टि के आरंभ तक चारों ओर अंधकार ही अंधकार था और सृष्टि बिल्कुल

महाशिवरात्रि: शुभ मुहूर्त के साथ जानें पूजन विधि

शास्त्रों के अनुसार शिव ही सांसारिक सुखों का आधार हैं। सांसारिक इच्छाओं का मूल हैं  हर व्यक्ति के मन में धन संपन्नता व भौतिक सुखों को बंटोरने का भाव आता है, जिसे पूरा करने हेतु वह धार्मिक उपाय चुनता है। मंगलवार दि॰ 13.02.18 को फाल्गुन मास की प्रदोष व्यापीनी कृष्ण चतुर्दशी के उपलक्ष्य में महाशिवरात्रि

विनायकी गणेश चतुर्थी व्रत और पूजा विधि…

जानिए कैसे करें विनायकी चतुर्थी पर श्रीगणेश का पूजन… हर माह के शुक्ल पक्ष में आने वाली चतुर्थी को विनायकी चतुर्थी व्रत कहते हैं। पुराणों के अनुसार शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायकी तथा कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी गणेश चतुर्थी कहते हैं। यह चतुर्थी भगवान श्री गणेश को समर्पित है। यदि संकष्टी चतुर्थी

पढ़े क्या है कार्तिक पूर्णिमा का महत्‍व

प्राचीनकाल से ही कार्तिक पूर्णिमा काफी महत्‍व है। शास्‍त्रों में इस दिन गंगा स्‍नान का काफी महत्‍व बताया गया है। इसी दिन पांडवों ने महाभारत के युद्ध में मारे गए परिजनों की आत्मा की शांति के लिए गढ़मुक्तेश्वर में श्राद्ध किया था। इसी दिन गुरु नानक जी का जन्म हुआ था। हिंदू धर्म में मान्‍यता

करवा चौथ: सुहागिन करेंगी अपने चांद का दीदार

करवा  चौथ के दिन भगवान शिव-पार्वती, स्वामी कार्तिकेय, गणेश एवं चंद्रमा का पूजन करें। पूजन करने के लिए बालू अथवा सफेद मिट्टी की वेदी बनाकर उपरोक्त वर्णित सभी देवों को स्थापित करें। कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को करक चतुर्थी (करवा-चौथ) व्रत करने का विधान है। स्त्री किसी भी आयु, जाति, वर्ण, संप्रदाय की हो,

नवरात्र विशेष: नवदुर्गा-पूजा के सांतवे दिन मॉ काल रात्रि की उपासना का विधान है

मॉ कालरात्रि अपने भक्तों को सदैव शुभ फल प्रदान करने वाली हैं देवबंद (खिलेन्द्र गांधी): नवरात्र के सातंवे दिन दुर्गा के सातंवे स्वरूप मॉ कालरात्रि की पूजा अर्चना भक्तों द्वारा की जाती है। नवरात्र के सातवें दिन मॉ दुर्गा के सांतवे स्वरूप को कालरात्रि कहा जाता है, दुर्गा-पूजा के सांतवे दिन मॉ काल रात्रि की

नवरात्र का पहला दिन: ऐसे करें देवी शैलपुत्री की पूजा

गुरूवार से नवरात्र शुरू हो रहे हैं। ऐसे में पूरे नौ दिनों तक मां दुर्गा के नवस्वरूपों की पूजा की जाती है। देवी दुर्गा के नौ रूपो में सबसे पहला रूप शैलपुत्री का हैं। नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। पर्वतराज हिमालय के घर पुत्री के रूप में जन्म लेने

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