बुधवार तक संक्रमितों की संख्या हो सकती है 900, जागरूक रहे तो 400 तक रोक सकते हैं

 

कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में बुधवार तक देश के 900 नागरिक आ सकते हैं। ये मामले ठीक हो चुके मामलों से अलग होंगे। संक्रमण से पैदा हुए सबसे खराब हालात पर यह आकलन गणितीय विज्ञान संस्थान (आईएमएससी) ने रविवार को सामने रखा

आईएमएससी का दावा है कि अगर लोगों ने व्यक्तिगत स्तर पर इसे रोकने के लिए भरकस प्रयास किए तो मामलों की संख्या 400 तक सीमित की जा सकती है। इन अध्ययनकर्ताओं प्रो. सीताभ्र सिन्हा और सौम्या ईश्वरन ने कहा कि सरकार के प्रयासों के साथ लोगों का योगदान वायरस को फैलने से रोकने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

ऊपरी अक्षांश पर संक्रमण ज्यादा

संक्रमण के फैलने के बारे में अध्ययनकर्ताओं ने एक अनूठा दावा प्रभावित देशों की अक्षांश पर मौजूदगी और संक्रमण दर को लेकर भी किया। उन्होंने कहा कि जो देश पृथ्वी के अक्षांश पर जितने ऊपर मौजूद हैं, वहां महामारी फैलने की दर उतनी ही ज्यादा है। उन्होंने डेनमार्क का उदाहरण दिया जो 56 डिग्री अक्षांश पर है।

यहां वायरस संक्रमण का रिप्रोडक्शन-नंबर (आरओ) 3.35 है। आरओ यानी एक संक्रमित व्यक्ति से औसतन कितने लोगों को संपर्क हो सकता है। कतर के लिए आरओ 3.06, स्विट्जरलैंड 2.96, स्पेन 2.74, ईरान 2.73, जर्मनी 2.58, न्यूयॉर्क 2.49 और इटली 2.34 माना गया है। चीन के हुबई में आरओ 2.14 था। वहीं भारत में आरओ 2.7 है।

तापमान का संबंध नहीं मिला

अध्ययनकर्ताओं का अनुमान था कि अक्षांश का संक्रमण दर से वास्ता तापमान की वजह से हो रहा है। जहां तापमान कम है, वहां संक्रमण ज्यादा है। लेकिन ऐसा साबित नहीं हुआ। तापमान और ऊपरी अक्षांश में ज्यादा संक्रमण दर का कोई संबंध नहीं लिा है।
 
 

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